तखतगढ़ में प्रशासन की अनदेखी: वैकल्पिक मार्ग होने के बावजूद बीच शहर से गुजर रहे भारी वाहन; सड़कें और पुलियाएं हो रहीं क्षतिग्रस्त, जनआक्रोश तेज
तखतगढ़ के गौरव पथ पर अनियंत्रित बजरी परिवहन से आक्रोश: मंत्री से शिकायत के बाद भी ढिलाई, बदहाल हो रहीं सड़कें; उग्र आंदोलन की चेतावनी
तखतगढ़ / बरकत खां
तखतगढ़ नगर के मुख्य गौरव पथ पर पिछले करीब एक माह से चौबीसों घंटे ओवरलोड बजरी से भरे भारी वाहनों का बेधड़क आवागमन जारी है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर जनसमस्या को लेकर क्षेत्रवासियों द्वारा राज्य सरकार के संबंधित कैबिनेट मंत्री को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक ढिलाई और लापरवाही को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति पर मंडराया खतरा
स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का कहना है कि दिन-रात गुजर रहे ओवरलोड बजरी ट्रकों के भारी वजन के कारण गौरव पथ की सड़कें और नाले-पुलियाएं तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। यदि समय रहते इस अवैध और अनियंत्रित आवागमन पर रोक नहीं लगाई गई, तो सरकार द्वारा बनाई गई करोड़ों रुपये की सार्वजनिक अवसंरचना पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
"वैकल्पिक मार्ग फिर भी बीच शहर से जोखिम भरा सफर!"
नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में आंखें मूंदे बैठा है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए बाईपास (वैकल्पिक मार्ग) उपलब्ध होने के बावजूद बजरी माफिया और वाहन चालक नगर के बीचों-बीच स्थित गौरव पथ का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल धूल-मिट्टी का प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि राहगीरों और स्कूली बच्चों की जान भी हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
सख्त कार्रवाई और बैन की मांग, आंदोलन का अल्टीमेटम
नगरवासियों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि:
- गौरव पथ से भारी व ओवरलोड बजरी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
- नियम तोड़कर गुजरने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और चालान किए जाएं।
- भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से ही डायवर्ट किया जाए।
कस्बेवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया, तो आमजन को मजबूरन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

