किसानों कोे उर्वरक उपब्धता के लिए जिला कलक्टर के निर्देश पर औचक निरीक्षण
कृषि विभाग ने उर्वरक डीलरों की जांच कर अधिक दर पर यूरिया बेचने वालों को दिए नोटिस
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला कलक्टर कमर चौधरी के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त निदेशक कृषि राधेश्याम मीणा के नेतृत्व में गुरुवार को जिलेभर में खाद-बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का व्यापक औचक निरीक्षण किया।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दुकानों के रिकॉर्ड, स्टॉक, विक्रय व्यवस्था एवं निर्धारित दरों की गहन जांच की गई तथा मौके पर पाई गई कमियों को तत्काल दुरुस्त कराया गया। उनके नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल में कृषि अधिकारी रूपेन्द्र मीणा, सहायक कृषि अधिकारी जगत सिंह एवं हेतराम शर्मा शामिल रहे। टीम ने सुनिश्चित किया कि किसानों को सभी दुकानों पर यूरिया निर्धारित सरकारी दर पर उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान मैसर्स कृष्णा कृषि सेवा केन्द्र एवं महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति, रूपवास पर यूरिया अधिक दर पर विक्रय किए जाने की सूचना मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया गया। अनियमितताओं के संबंध में दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
संयुक्त निदेशक कृषि ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया विक्रय की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि किसानों को यूरिया का वितरण केवल फार्मर आईडी अथवा जमाबंदी की प्रति एवं आधार कार्ड का सत्यापन करने के बाद ही किया जाए, ताकि उर्वरकों का वितरण पारदर्शी एवं वास्तविक किसानों तक सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिलेभर में कृषि विभाग की टीमों ने विभिन्न खाद-बीज विक्रेताओं के यहां ड्यूटी लगाकर किसानों को उचित मूल्य पर यूरिया उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया।
संयुक्त निदेशक कृषि ने सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) भरतपुर एवं बयाना को निर्देश दिए कि यूरिया एवं डीएपी का विक्रय कृषि पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराया जाए। साथ ही गठित निरीक्षण समितियां समय-समय पर उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण करें तथा कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि रूपवास क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के कार्मिक हेतराम शर्मा, वीरेन्द्र कुमार गुलपाडिया, विक्रम सिंह, विष्णु गुर्जर एवं बनवारी लाल शर्मा भी उपस्थित रहे।


