सचिव ने सुबह 6 बजे किया लग्जरी एवं स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण; नियमों की अनदेखी पर चालान व वाहन सीज
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा राजस्थान सरकार की एसओपी-2024 के प्रावधानों के उल्लंघन में अनाधिकृत संरचनात्मक संशोधनों के साथ संचालित लग्जरी एवं स्लीपर बसों से हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार प्रातः 6 बजे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नवीन कुमार किलानियां के निर्देशन एवं निगरानी में यातायात पुलिस तथा परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सुधावई टोल प्लाजा, सेवर पर संचालित लग्जरी एवं स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बसों के पंजीयन प्रमाण-पत्र, वाहन की लंबाई, चौसिस की लंबाई, सीटों की संख्या, ओवरहैंग, वाहन का रंग, छत पर लगेज की व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र, दिव्यांगजन हेतु आरक्षित सीट, शिकायत पेटिका सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। साथ ही फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, बीमा एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई।
सचिव ने बताया कि जिन वाहनों में दस्तावेजों की कमी या वैधता संबंधी अनियमितताएं पाई गईं, उनके विरुद्ध तत्काल चालान की कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया। वहीं जिन वाहनों में गंभीर तकनीकी खामियां अथवा अनाधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन पाए गए, उन्हें मौके पर ही सीज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें तथा केवल सुरक्षित एवं नियमों के अनुरूप संचालित वाहनों में ही यात्रा करें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी यात्री को किसी ट्रेवल एजेंसी द्वारा अनुचित व्यवहार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायालय परिसर, भरतपुर में संपर्क कर स्थायी लोक अदालत में वाद प्रस्तुत कर सकता है।


