भरतपुर बनेगा कौशल विकास का मॉडल: देश के 3 पायलट प्रोजेक्ट्स में शामिल; युवाओं को स्थानीय मांग पर मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण
भरतपुर / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय
14 जुलाई 2026
युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर 'विकसित भारत मिशन-2047' के लक्ष्य को रफ्तार देने के लिए भरतपुर में एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी समन्वय के लिए आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कौशल एवं उद्यमिता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (भारत सरकार) के सलाहकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. आईवी सुब्बाराव ने की।
देश के तीन जिलों में भरतपुर का चयन, बनेगा रोल मॉडल
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आईवी सुब्बाराव ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भारत सरकार के 'स्किल डेवलपमेंट फॉर यू' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश से केवल तीन क्षेत्रों— तेलंगाना, उत्तर प्रदेश के बागपत और राजस्थान के भरतपुर जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है।
उन्होंने कहा कि भरतपुर में डेयरी, पर्यटन, परिवहन, निर्माण, खुदरा व्यापार, बागवानी और कृषि आधारित उद्योगों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों की स्थानीय मांग के अनुरूप जिला कौशल विकास योजना तैयार की जाए। डॉ. सुब्बाराव ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए, ताकि उनकी रुचि के अनुसार उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके।
कलेक्टर कमर चौधरी के कड़े निर्देश: धरातल पर दिखे परिणाम
जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केवल कागजी आंकड़ों के बजाय धरातल पर परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और शिक्षा विभाग 'पीएम इंटर्नशिप योजना' की जानकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक पहुंचाएं।
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टीटीजेड (TTZ) और एनसीआर (NCR) क्षेत्र की गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए कृषि व डेयरी आधारित उद्योगों पर विशेष फोकस किया जाए।
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राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) और रोजगार विभाग को नोडल एजेंसी बनाकर इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
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वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण (लोन) प्रक्रिया को सरल कर युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
पीएम इंटर्नशिप योजना: 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को मौका
बैठक के दौरान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भरतपुर के प्रतिनिधि डालचन्द ने बताया कि यह भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत आगामी 5 वर्षों में देश के 1 करोड़ युवाओं को उद्योगों में व्यावहारिक कार्य का अनुभव कराया जाएगा।
योजना की खास बातें:
आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष के युवा पात्र।
अवधि: 6 या 12 महीने की इंटर्नशिप और साथ में स्टाइपेंड।
भरतपुर की स्थिति: जिले में 42 पदों के लिए अब तक 270 युवाओं ने आवेदन किया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक के दौरान विशेषज्ञ सलाहकार प्रमोद भट्ट ने जिले में आजीविका संसाधनों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मृदुल सिंह, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) अतुल चतुर्वेदी, संयुक्त निदेशक कृषि राधेश्याम मीणा, जिला रोजगार अधिकारी विकास कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र गोपालिया और उपनिदेशक बागवानी जनकराज मीणा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


