डीग में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमार्थियों के लिए सहायता केंद्र का शुभारंभ, परिक्रमा मार्ग पर मेडिकल, प्याऊ और विश्राम की विशेष व्यवस्था
डीग (नीरज जैन) पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शुरू हुई बृज 84 कोस परिक्रमा में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा के लिए डीग जिला प्रशासन पूर्णतः मुस्तैद है। इसी क्रम में सोमवार को जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने गोवर्धन रोड स्थित फायर स्टेशन पर नगर परिषद, डीग द्वारा स्थापित जिला प्रशासन सहायता केंद्र का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया।
शुभारंभ के पश्चात जिला कलेक्टर ने सहायता केंद्र पर परिक्रमार्थियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया। उन्होंने मौके पर श्रद्धालुओं के लिए स्थापित प्याऊ व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, विश्राम स्थल और प्रसादी वितरण व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। इस अवसर पर मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि बृज 84 कोस परिक्रमा का 60 किलोमीटर से अधिक का हिस्सा डीग जिले के अंतर्गत आता है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या और भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे परिक्रमा मार्ग में कई स्थानों पर प्रशासन द्वारा ऐसे सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पुलिस सहायता, सामान्य पूछताछ और मार्गदर्शन के लिए विशेष स्टाफ की नियुक्ति की गई है।
चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर ने बताया कि सभी सहायता केंद्रों पर मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जिनके पास ओआरएस, दर्द निवारक गोलियां और अन्य सभी आवश्यक औषधियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, ताकि परिक्रमार्थियों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ दिया जा सके। इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग करते हुए परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख विद्यालयों को श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल के रूप में विकसित किया गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में बनाए गए पुराने आश्रय स्थलों की भी मरम्मत करवाकर वहां श्रद्धालुओं के रुकने और शौचालयों की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला कलेक्टर ने गोवर्धन रोड स्थित सहायता केंद्र पर की गई उत्तम व्यवस्थाओं के लिए नगर परिषद, डीग और इसमें सहयोग कर रहे भामाशाहों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिक्रमा के आगामी एक माह तक इन सभी सुविधाओं को इसी उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ सुचारू रखा जाए और इसमें और भी आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।


