शव का पोस्टमार्टम करने से मना करने पर डॉक्टर को किया एपीओ CHC गोविंदगढ़ का मामला

गोविंदगढ़ CHC में शव का पोस्टमार्टम नही करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर के मौखिक आदेशों की अनुपालना में डा. सुनिल कुमार चिकित्सा अधिकारी सामु.स्वा. केन्द्र गोविन्दगढ़ को तुरन्त प्रभाव से कार्यमुक्त करने के आदेश दिये गए

शव का पोस्टमार्टम करने से मना करने पर डॉक्टर को किया एपीओ CHC गोविंदगढ़ का मामला

गोविंदगढ़, अलवर

गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तालडा के ग्रामीणों एक युवक का शव लेकर 21 नवम्बर को CHCगोविंदगढ़ पहुंचे जहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सुनील से शव के पोस्टमार्टम के लिए कहा तो डॉक्टर ने पुलिस को सूचित करने के लिए कहा जिस पर परिजनों ने पुलिस को सूचित किए जाने के बाद डॉक्टर से जब पोस्टमार्टम के लिए कहा तो डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के लिए दो टूक मना कर दिया जिस पर उस समय विवाद की स्थिति बन गई और परिजनों के द्वारा उच्च अधिकारियों को शिकायत कर दी गई। जिसके बाद सीएमएचओ अलवर के द्वारा डॉ सुनील कुमार के खिलाफ एपीओ की कार्रवाई कर दी गई

मोटरसाइकिल एवं कार की टक्कर का मामला :-

मृतक के परिजन रूपा गुर्जर ने बताया कि गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में 27 अक्टूबर को मोटरसाइकिल एवं कार की टक्कर में 27 वर्षीय रामकुमार पुत्र भगवत निवासी तालडा गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसकी मृत्यु हो जाने पर 22 नवंबर को मृतक के परिजन मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां पर ड्यूटी पर तैनात डॉ सुनील कुमार परिजनों से उलझ गए पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया जिस पर परिजनों ने बीसीएमएचओ सीएमएचओ अलवर को शिकायत की। जिस पर डॉक्टर सुनील ने कहा कि तुम मेरी शिकायत कहीं भी कर दो, मुझे पहले भी एपीओ किया गया था मेरा कुछ नहीं बिगड़ा। जिसके बाद अन्य डॉक्टर के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।

कई घण्टे परिजन रहे परेशान:-

चौकी पोस्टमार्टम को लेकर परिजन कई घंटों तक परेशान रहे डॉक्टर के बोर्ड के द्वारा पोस्टमार्टम की बात कही जाने पर इसमें बोर्ड की आवश्यकता नहीं होना बताया लेकिन डॉक्टर सुनील ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया जिस पर परिजन परेशान होते रहे इस हंगामे के बीच पुलिस मौके पर मौजूद रही और पुलिस की समझाइस के बाद भी डयूटी पर मौजूद डॉक्टर ने पोस्टमार्टम नहीं किया। वही प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ सुनील पूर्व में भी एपीओ हो चुके हैं लेकिन उनकी नियुक्ति पुनः गोविंदगढ़ सीएचसी में कर दी गई थी वही प्रशासन के द्वारा कार्रवाई करते हुए डॉ सुनील कुमार को एपीओ कर दिया गया और उन्हें जिला मुख्यालय पर तलब कर दिया गया

  • Suresh
    Suresh
    जब सरकार कह रही है कि सभी सुविधाएं अस्पतालों में उपलब्ध करवा दी हैं लेकिन मॉडल सीएससी पर कार्यरत यह डॉक्टर सुनील कुमार कहता है की अस्पताल की दवाइयों से कुछ नहीं होता दवाई भी बाहर से लाओ और जो जांच लिखता है उन्हें भी बाहर से करवाता है इसके लिए तो यह निजी लैब वालों को अपने ड्यूटी रूम में बैठा कर रखता है वही के वही पर्ची लैब संचालकों को थमा देता है आखिर इसकी कमीशन खोरी का इलाज कब होगा
    10 days ago Reply  Like (0)
  • Govind
    Govind
    Vaise ise doctor ke harkaton Ko Dekhkar aisa lagta hai ki Iske Upar Kisi Uchch Adhikari ya Neta ka koi Hath hai Kai bar to yah on duty hokar bhi Sham ke Samay marij dekhne ke 200 se ₹300 Tak leta hai Jab isase Kaha jata hai ki on duty ho to kis chij ke paise to Kahta Hai Ki yah to dene hi padenge Varna Main parchiyan Nahin dunga
    10 days ago Reply  Like (0)
  • Ravi kumar
    Ravi kumar
    गोविंदगढ़ हॉस्पिटल में सुनील डॉक्टर तो खुद ही समस्याओं को बढ़ावा देता है जब हॉस्पिटल में जांच सुविधा उपलब्ध है तो मरीजों को बोलता है कि जांच केवल बाहर से करवाना हॉस्पिटल की जांच सही नहीं आती एक तरफ सरकार कहती है कि निशुल्क दवा और जांच की सुविधा अस्पतालों में उपलब्ध है डॉक्टर अपनी कमीशन के लिए दवाइयां भी बाहर से लिखता था और कहता था केवल उसी मेडिकल से लेना ऐसे चिकित्सक को तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निलंबित कर घर भेज देना चाहिए
    10 days ago Reply  Like (0)
  • Kishan singh
    Kishan singh
    दो-तीन दिन पूर्व हम भी इनके पास गए थे कुछ बच्चे टूर्नामेंट में ब्लॉक लेवल पर विजेता होने के बाद जिला लेवल पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले थे जिनके जिला लेवल पर भेजे जाने वाले दस्तावेजों में चिकित्सक के हस्ताक्षर ओं की आवश्यकता थी लेकिन इनके द्वारा हमें दो-तीन दिन लगातार इधर-उधर भटक आया गया, आखिर एक चिकित्सक कब तक इन लोगों का ऐसे शोषण करता रहेगा
    10 days ago Reply  Like (0)
  • हरमुख
    हरमुख
    लोगों को परेशान करने वाले ऐसे डॉक्टर को तो बार-बार एपीओ करने से अच्छा है कि एक बार में ही समस्या को खत्म करें इसे निलंबित कर घर भेज दिया जाए ऐसे लोगों को चिकित्सक कहलाने का कोई अधिकार नहीं
    10 days ago Reply  Like (0)