संगम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का रणथंभौर में शैक्षणिक भौगोलिक भ्रमण
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के कला एवं मानविकी संकाय के स्नातक विद्यार्थियों को सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क एवं यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों में सूचित रणथंभौर दुर्ग का भौगोलिक भ्रमण दिनांक 26 एवं 27 फरवरी 2026 को करवाया गया।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को रणथंभौर नेशनल पार्क के वन्यजीवों को निकट से देखने एवं उनके व्यवहार का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने वन, वन्य जीव संपदा एवं जल संग्रहण इकाइयों को संरक्षित करने के संबन्ध में वन कर्मियों से ज्ञानार्जन किया। विद्यार्थियों ने पर्यटकों एवं वन्यजीवों तथा पर्यटकों एवं विरासत स्थलों के संबन्ध तथा पर्यटन से जुड़े रोजगार एवं स्वरोजगार के संबन्ध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ० अभिषेक श्रीवास्तव ने स्थानीय जैव-विविधता को बनाए रखने हेतु छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक उपाय सुझाए। विद्यार्थियों को जैव-विविधता संरक्षण की तकनीकों एवं जीवाश्मों के अनुभवमूलक अध्ययन हेतु राजीव गांधी क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय का भी भ्रमण करवाया गया।
रणथंभौर दुर्ग में विद्यार्थियों ने बत्तीस खंभों की छतरी, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, हम्मीर महल, सुपारी महल, पद्मला तालाब, अन्नपूर्णा मंदिर सहित अन्य विरासत स्थलों के दर्शन किए। इस दौरान हिन्दी विभाग की सह आचार्य डॉ० निर्मला राव द्वारा विद्यार्थियों को दुर्ग निर्माण की वास्तुकला के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को भौगोलिक भ्रमण के दौरान मार्ग में पड़ने वाले टोंक में स्थित पुरातत्व स्थल हाथी भाटा एवं जहाजपुर में स्थित जैन मंदिर का भ्रमण करवाया गया। कला एवं मानविकी विभाग के डीन प्रो० (डॉ०) राजीव मेहता एवं डिप्टी डीन डॉ० जोरावर सिंह द्वारा भौगोलिक भ्रमण कार्यक्रम की सफलता पर संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी गई। भौगोलिक भ्रमण कार्यक्रम को योजनानुसार सफलता प्रदान कराने हेतु संगम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) करुणेश सक्सेना, प्रति कुलपति प्रो० (डॉ०) मानस रंजन पाणिग्रही एवं कुलसचिव डॉ० आलोक कुमार द्वारा कला एवं मानविकी संकाय को धन्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।