मानसून में बिजली विभाग की लापरवाही बनी खतरा, हादसों को न्योता दे रहे खुले ट्रांसफार्मर और जर्जर खंभे
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। मकराना मानसून की पहली ही बारिश में शहर के कई इलाकों में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जगह-जगह खुले पड़े ट्रांसफार्मर, झूलते बिजली के तार और डीपी के पास जमा गंदगी लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। विशेषकर जिन इलाकों में ट्रांसफार्मर खुले हैं और बिजली के खंभे टेढ़े होकर गिरने की स्थिति में हैं, वहाँ बच्चे, बुजुर्ग व राहगीर लगातार खतरे में हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर डीपी के पास कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार सूचित करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। अधिकारी मौके पर आते तो हैं, मगर सिर्फ जांच तक ही सीमित रहते हैं। खुले ट्रांसफार्मर और डीपी के चारों ओर सुरक्षात्मक जाली लगाई जाए। झूलते तारों को ठीक कर मजबूत ढांचे तैयार किए जाए, ट्रांसफार्मर व खंभों के पास सफाई और कचरा निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, मानसून के दौरान आकस्मिक घटनाओं से बचाव के लिए हेल्पलाइन सक्रिय और प्रभावी रखी जाए। जनता की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि प्रशासन और बिजली विभाग समय रहते चेत जाएं, अन्यथा यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। शहर के माहेश्वरी भवन के पास स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर लगा है और वहां मुख्य मार्ग होने से आवागमन अधिक रहता है जहां थोड़ी से बारिश से जलभराव हो जाता है। इस ट्रांसफार्मर की विद्युत लाइन और मीटर सड़क से मात्र 1 से 2 फूट की ऊंचाई पर है जिससे आए दिन करंट का खतरा रहता है। हाल ही 20 जून को हुई बारिश में जलभराव में आमजन ने करंट के भय से अन्य मार्ग से हेतु अपने गंतव्य की ओर गए।


