विधायक ने प्रधान पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप: प्रधान बोले-एक पैसे का भी आरोप साबित हो जाए तो उसी दिन इस्तीफा दे दूंगा
दौसा (अवधेश अवस्थी) लालसोट विधायक रामबिलास मीणा द्वारा पंचायत समिति लालसोट के प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने इस संबंध में गंभीरता दिखाते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
शासन सचिव ने 4 जुलाई को विधायक रामबिलास मीणा द्वारा भेजे गए पत्र और प्रधान के विरुद्ध लगातार मिल रही भ्रष्टाचार व अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि षष्ठम राज्य वित्त आयोग (SFC) के तहत पंचायत समिति को प्राप्त अनुदान की स्वीकृतियों की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

वहीं पंचायत समिति लालसोट के प्रधान नाथूलाल मीणा ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा, "अगर मेरे ऊपर एक पैसे का भी भ्रष्टाचार साबित हो जाए, तो मैं उसी दिन इस्तीफा दे दूंगा।"
प्रधान ने बताया कि चार माह पूर्व षष्ठम राज्य वित्त आयोग के तहत करीब 2 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां 25 ग्राम पंचायतों के लिए जारी की गई थीं, जो अकाउंटेंट व विकास अधिकारी की टिप्पणी के बाद स्थाई समिति और साधारण सभा की मंजूरी से नियम अनुसार जारी हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक स्वीकृति में ग्राम पंचायत ही कार्यकारी एजेंसी है और पंचायत समिति की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।
नाथूलाल मीणा ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत के लिए राशि निर्गत नहीं हुई है, तो भ्रष्टाचार कैसे हो गया?" उन्होंने सुझाव दिया कि यदि संदेह है तो पहले जांच करवाई जाए, उसके बाद ही स्वीकृति जारी हो। इससे विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

