पहचान की पूरी जांच के बाद बनेगा आधार कार्ड: धार कार्ड की पहचान प्रक्रिया में बदलाव
दिल्ली (कमलेश जैन) पहले आधार कार्ड को केवल पहचान प्रमाण माना जाता था, न कि नागरिकता का। इसी कारण इसे बनवाना सरल था, क्योंकि इसके लिए ज्यादा जांच की आवश्यकता नहीं होती थी। लेकिन अब सरकार ने इसके लिए कई सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब केवल उन्हीं वयस्कों को नया आधार कार्ड मिलेगा जिनकी पहचान की पुष्टि की जाएगी।
UIDAI अब लोगों की जानकारी को ऑनलाइन डेटाबेस से सत्यापित करेगा। इसमें पासपोर्ट, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों की जांच की जाएगी, ताकि आधार में कोई त्रुटि न हो और यह पूरी तरह से सुरक्षित और विश्वसनीय बना रहे। हालांकि, आधार कानून की धारा 9 के अनुसार, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। लेकिन नए तकनीकी परिवर्तनों का उद्देश्य केवल भारतीय नागरिकों को आधार प्रदान करना है।
आज लगभग सभी वयस्कों के पास आधार कार्ड है। अब बच्चों को भी जन्म के तुरंत बाद आधार मिल रहा है। इसलिए सरकार ने वयस्कों के लिए आधार रजिस्ट्रेशन के नियमों को और कड़ा कर दिया है।
- पहचान की पूरी जांच के बाद बनेगा आधार
पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने वाले लोग आसानी से आधार बनवा लेते थे। इसे रोकने के लिए अब राज्य की जिम्मेदारी है कि वे पहचान की पूरी जांच करें और उसके बाद ही आधार जारी करें। एक अधिकारी ने बताया कि अब अवैध प्रवासियों के लिए आधार बनवाना बहुत कठिन हो गया है। यहां तक कि यदि कोई पुराने आधार का उपयोग करके वोटर लिस्ट या नागरिकता के दस्तावेज प्राप्त करने की कोशिश करता है, तो भी यह आसान नहीं होगा।
UIDAI ने एक नई तकनीक भी विकसित की है, जो अब आधार अपडेट या नए आवेदन के समय ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मनरेगा विवरण और भविष्य में बिजली बिल जैसे दस्तावेजों की भी जांच करेगी। यह प्रक्रिया पूरे देश में एक समान पहचान सुनिश्चित करेगी और धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगी।


