न्यायिक कर्मचारियों की हड़ताल/अवकाश जारी, पाँचवें दिन भी सिरोही जिले के समस्त न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर
सिरोही (रमेश सुथार) राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ, जिला शाखा सिरोही की ओर से 18 जुलाई से घोषित सामूहिक अवकाश आज पाँचवें दिन भी जारी रहा, जिससे जिलेभर की अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यप्रणाली ठप हो गई है।
जिला न्यायिक कर्मचारी संघ, जिला शाखा सिरोही के जिलाध्यक्ष जीवाराम ने जानकारी देते हुए कहा कि “जब तक हमारी वर्षों पुरानी मांगों को सरकार पूरा नहीं करती, तब तक यह अवकाश जारी रहेगा। सरकार की उदासीनता के कारण कर्मचारी विवश होकर विरोध की राह पर हैं। समस्त न्यायिक गतिविधियां इस हड़ताल से प्रभावित हो रही हैं।”
इससे पहले 17 जुलाई को जिला न्यायालय परिसर में कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें 18 जुलाई को सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने 18 जुलाई को एक स्वर में विरोध जताया और फिर सामूहिक अवकाश पर चले गए।
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ, ज़िला शाखा सिरोही के प्रवक्ता मनीष त्रिवेदी के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को सचिवालय सेवाओं की तर्ज पर वेतन, भत्ते, वेतन विसंगति निवारण, समयबद्ध पदोन्नति और स्थायी नियुक्तियों जैसी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है।
वर्ष 2022 और 2023 में सरकार से कई दौर की वार्ताएं हुईं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जबकि राजस्थान उच्च न्यायालय की फुल बेंच ने 6 मई 2023 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों को राजस्थान सेवा नियम 1986 के अनुसार लाभ दिए जाएं। फिर भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी किया गया।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार अब भी चुप रही, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। साथ ही संघ ने सभी न्यायिक कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में पूर्ण एकता और अनुशासन के साथ भाग लें ताकि सरकार को इस संघर्ष की गंभीरता का एहसास कराया जा सके।
इस मौके संघ के महासचिव भरत दवे, सचिव प्रशान्त रावल, कोषाध्यक्ष ललित किशोर वैष्णव, प्रवक्ता मनीष त्रिवेदी, सहसचिव मोहमद्द ईदरिश, महामंत्री कमलेश रावल, अश्विन ओझा पिंडवाड़ा तहसील प्रभारी, अमित गोयल आबूरोड तहसील प्रभारी, अरविन्द कुमार आबूपर्वत तहसील प्रभारी, सुरेशदान रेवदर तहसील प्रभारी, कृष्णाराम शिवगंज तहसील प्रभारी, विनोद ओझा प्रांतीय प्रतिनिधि, राजेंद्र सिंह देवल प्रांतीय प्रतिनिधि, राजेंद्र पूरी प्रांतीय प्रतिनिधि, दलपतसिंह आढ़ा प्रांतीय प्रतिनिधि, कैलाश रावल प्रांतीय प्रतिनिधि सहित विभिन्न कार्मिक अवकाश करके धरने पर बैठे ।


