“ध्यान से केवल चाल और चेहरा ही नहीं, चरित्र और चादर भी बदलता है” — मुनि सिद्ध प्रज्ञ
रेलमगरा (पप्पूलाल कीर) रेलमगरा स्थित तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की आज्ञानुवर्ती परंपरा में, मुनि श्री संजय कुमार जी के पावन सान्निध्य में एक विशेष ध्यान योग शिविर का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुनि प्रकाश कुमार जी ने कहा — “आज का युग तनाव का युग है। मानसिक तनाव से कई बीमारियाँ जन्म लेती हैं और जीवन का वातावरण दुखमय हो जाता है। प्रेक्षा ध्यान के माध्यम से हम तनावमुक्त जीवन का अनुभव कर सकते हैं, आवश्यकता है तो बस नियमित प्रयोग की।”
वहीं 22 देशों में प्रेक्षा ध्यान का प्रचार कर चुके मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने कहा — “प्रेक्षा ध्यान केवल चाल और चादर नहीं, बल्कि आचार, विचार और व्यवहार में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाता है। यह एक वैज्ञानिक साधना पद्धति है, जो विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय हो रही है।”
उन्होंने सम्यक मुद्रा, सम्यक भोजन और सम्यक रंग विज्ञान जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन देते हुए जीवन को संतुलित और मधुर बनाने की युक्तियाँ साझा कीं।
मुनि प्रकाश कुमार जी ने प्रतिभागियों को ध्यान के विविध प्रयोग कराते हुए उन्हें साधना का वास्तविक अनुभव कराया। यह तीन घंटे तक चला ध्यान शिविर प्रेक्षा ध्यान गीत के सामूहिक गायन के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में तेरापंथ महिला मंडल रेलमगरा की अध्यक्ष श्रीमती शांता सोनी एवं मंत्री श्रीमती रीना सोनी ने मुनिवृंद तथा सभी उपस्थित बहनों और साधकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।


