भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 28 जुलाई। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने वीसी के माध्यम से जुड़कर जिला स्तरीय एवं उपखंड अधिकारियों के साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम ,जर्जर भवनों की स्थिति, फार्मर रजिस्ट्री शिविर प्रगति और जन सुरक्षा अभियान शिविर, पीएम टीबी मुक्त अभियान सम्बन्धी समीक्षा बैठक ली।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों को चिन्हित कर सूची बनाते हुये मरम्मत का प्लान तैयार करने, मरम्मत योग्य नहीं पाये जाने पर अनुपयोगी घोषित कर सीज करने के निर्देश दिए। जिले के सभी शिक्षण संस्थाओं में संस्था प्रधानों को ऐसे भवनों को स्वयं के स्तर पर आंकलन कर समसा की टीम से सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला एवं उपखण्ड स्तर पर तकनीकी अधिकारियों एवं संबंधित जिला एवं उपखण्ड स्तरीय समिति शीघ्र ही जिले के सभी विद्यालय, महाविद्यालय, छात्रावास, चिकित्सालय भवन, पुल, सड़कों एवं इमारतों आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य सभी असुरक्षित राजकीय भवनों की सुरक्षा का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी और पुलिस अधिकारी सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से अपने क्षेत्र में जर्जर और असुरक्षित भवनों को डिस्मेंटल करने हेतु कार्ययोजना बनाएं । उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मरम्मत के लिए शीघ्र ही प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के विधायकांे और भामाशाहों के सहयोग से राजकीय विद्यालयांे और आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत कराई जाए। उन्होंने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल प्रधानाचार्य द्वारा अपने क्षेत्र में जर्जर स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र होने के स्थिति में असुरक्षित भवनों का फोटोग्राफ सहित निरीक्षण कर उनमें असुरक्षित भवन का चेतावनी बोर्ड लगाए जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा की दृष्टि शहरी क्षेत्रों में जर्जर निजी स्कूल और दुकान के संचालकों को डिस्मेंटल सन्दर्भ में नोटिस जारी करने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने जिला परिषद और पी डब्लू डी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों क्षेत्र में सड़कों पर वर्षा जल निकासी व्यवस्थाओ की दुरस्त किया जाए।
सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित नहीं रहें परिवाद
उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज एवं जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले परिवादों का 7 दिवस में निस्तारण करने, किसी भी अधिकारी से समस्या निराकरण नहीं होने पर ऑटोफोरवर्ड होने पर गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों की संतुष्टि को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 को लेकर बीएलओ और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम) स्वयं उपस्थित रहे और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से परीक्षण के समय दी जाने वाली जानकारी को परखंे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों को उनके कार्य, जिम्मेदारियों और आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की चरणबद्ध जानकारी भी दी जाये। फार्मर रजिस्ट्री शिविर प्रगति की समीक्षा करते हुये जिले के समस्त तहसीलदारों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
निक्षय मित्र बनकर अभियान को दें गति
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए निक्षय मित्र बनाकर मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ मिले एवं टीबी रोगियों को गोद लेने एवं फूड किट उपलब्ध कराने वाले भामाशाहों, इच्छुक कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग के अलावा आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। टीबी रोगियों से कार्यकारी एजेंसी, एनजीओ, सामाजिक संगठन जुड़ने और उसके उपचार को समझने में मदद के लिए प्रचार प्रसार करते हुए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदत्त टीबी सेम्पल संग्रहण लक्ष्यों की शत प्रतिशत प्राप्ति की जाए।
सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाभान्वित-
जिला कलक्टर ने 1 जुलाई से 30 सितम्बर तक वित्तीय समावेशन एवं जन सुरक्षा सेचुरेशन अभियान के तहत प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री जन-धन निष्क्रिय खातों की री-केवाईसी सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू करने और सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए जनप्रतिनिधियों,बीडीओ, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी संबंधित अधिकारियों से मिलकर कार्य योजना बनाई। योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए शिविरों में पात्रजनों को योजनाओं के लाभों की जानकारी दी जाएं। उन्होंने जिला परिषद , खनन , शिक्षा ,पीएचईडी, विद्युत, चिकित्सा,नगर निकाय सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा पेंशन योजनाओं में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों, विभाग के विकास कार्यों में जुड़े श्रमिकों, पात्रजनों को जोड़ा जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों से सहयोग लिया जाये। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर में सभी पात्र लोगों तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, शहर राहुल सैनी, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी आरसी मीना, उपनिदेशक सहायक लोकसेवा भारती भारद्वाज, उपखण्ड अधिकारी राजीव शर्मा सहित जिला एवं उपखण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।