भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) संभागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई जिसमें विभागवार योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति तथा जन समस्याओं के निराकरण के बारे में विस्तार से समीक्षा की गई।
सभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर साकार करते हुए विभागीय योजनाओं में आवंटित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लीक से हटकर कार्य करें। अधिकारी जिले में विभागीय स्तर पर किन्ही दो कार्योे का लक्ष्य लेकर वित्तीय वर्ष में शत प्रतिशत पूरा करने की कार्य योजना बनाकर आगे बढें। उन्होंने कहा कि एक से अधिक विभागों के माध्यम से क्रियान्वित होने वाली योजनाओं में आपसी संवाद बनाकर अधिकारी एक-दूसरे को डाटा शेयर कर पात्रजनों को चिन्हित करायें। विभागवार फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभाग योजनाओं में पात्रजनों का चिन्हित कर लाभ प्रदान करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने योजनाओं का प्रचार प्रसार कर ग्राम पंचायतवार स्थानीय कार्मिकों एवं जनप्रतिनिधियों को भी जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने शहर में जल भराव वाले स्थानों पर पानी निकासी त्वरित कराने के लिए संसाधन बढाने के निर्देश दिये।
संभागीय आयुक्त ने जिले में राइजिंग राजस्थान के तहत जिले में हुए एमओयू को धरातल पर साकार करने के लिए विभागीय स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही को समय कर निवेशकों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिये। उन्होंने भीमराव अम्बेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना का प्रचार प्रसार कर निवेशकों को प्रेरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी इंडिगेटर में जिले को अग्रणी रखने के लिए सभी विभागों को टीम भावना से कार्य कर वास्तविक रूप से धरातल पर परिवर्तन लाने के निर्देश दिये। उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए अन्तरविभागीय संवाद रखकर संयुक्त कार्रवाही करने की बात कही।
समस्या निराकरण को चक्कर नही लगाने पडे-
संभागीय आयुक्त ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों एवं नियमित जनसुनवाई में प्राप्त परिवादों की समीक्षा करते हुए कहा कि समस्या का त्वरित निराकरण किया जाये। प्राथमिक स्तर पर समस्या निराकरण नहीं होने को गम्भीरता से लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण से परिवादी संतुष्ट हो इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारी प्रति सप्ताह 10 परिवादों का स्वंय के स्तर पर जांच कर परिवादी से सीधा संवाद करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जिनमें रिलीफ दिये जाने की आवश्यकता है उनमें परिवादी को राहत देते हुए विभागीय स्तर पर की गई कार्यवाही से भी अवगत करायें। उन्होंने जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में प्रभावित नागरिकोेें के आश्रितों दी जाने वाली सहायता के मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति करवाकर शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
सड़क दुर्घटना रोकने प्रभावी कदम उठायें-
संभागीय आयुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सारस चौराहा सहित जिले में चिहिन्त ब्लैक स्पॉट पर आये दिन हो रही दुर्घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए कहा कि संबन्धित विभाग मिलकर प्रभावी कदम उठायें जिससे पुनरावृति नहीं हो। उन्होंने कंजोली लाइन के आरओबी, रारह फ्लाई ओवर पर गड्डे होने पर रिडकोर के अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, आरएसआरडीसी, रिडकोर, एनएचआई सड़कों, फ्लाई ओवरों पर गड्डे होने पर समय पर मरम्मत करायें जिससे दुर्घटनाऐं रोकी जा सकें।
भवनों की नियमित करे जांच-
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपने अधीन ग्राम स्तर तक के कार्यालयों के भवनों की जांच के लिए विभागीय दल बनाकर जांच करायें। ऐसे भवन जो क्षतिग्रस्त है उनको डेमेज करने का प्लान बनाये तथा जिनकी मरम्मत की जा सकती है उनका तकमीना बनाकर मरम्मत कार्य पूरा करायें। उन्होंने शिक्षण संस्थाआंे, आंगनबाडी केन्द्रों, सवास्थ्य केन्द्रों सहित जिनमें आमजन का आवागमन रहता है जांच कर रिर्पोट करने के निर्देश दिये।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने सभी विभागों को विभागीय दायित्वों को सक्रियता से निभाते हुए दिये गये निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द ने कानून व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर निदेशक घना मानससिंह, आयुक्त बीडीए कनिष्क कटारिया, सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशा. घनश्याम शर्मा, सिटी राहुल सैनी, सचिव बीडीए नीलिमा तक्षक, आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई सहित संबन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
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