योग प्रशिक्षकों ने वेतन बढ़ोतरी और स्थायी पदों की तेज की मांग
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) योग प्रशिक्षकों ने वेतन बढ़ोतरी और स्थायी पदों की मांग तेज कर दी है। साथ ही समाधान न होने पर उन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। उपखंड क्षेत्र के प्रशिक्षकों ने बताया कि भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव से पहले किए गए वादों की याद दिलाते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार अपने वादों को निभाए।
राज्य भर के 3500 आयुर्वेद योग प्रशिक्षकों ने राजस्थान सरकार से फुलटाइम वेतन और स्थायी पद सृजन की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिन के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे राजधानी जयपुर में आमरण अनशन पर बैठेंगे।
प्रशिक्षकों ने बताया कि वे जुलाई 2021 से महज ₹5000 से ₹8000 मासिक मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। 8 जुलाई 2025 को शहीद स्मारक पर हुए धरने के दौरान सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
प्रशिक्षकों ने भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव से पहले किए गए वादों की याद दिलाते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार अपने वादों को निभाए। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान ने संगम पोर्टल के माध्यम से देश में सबसे अधिक योग सत्र आयोजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो प्रशिक्षकों की मेहनत का परिणाम है।
प्रशिक्षकों का कहना है कि अगर सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को लेकर गंभीर है, तो उन्हें फुलटाइम वेतन और स्थायी पद देने की दिशा में शीघ्र निर्णय लेना होगा।


