उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अनिमेष गुप्ता ने उदयपुरवाटी कस्बे वासियों से अपील की है कि डेंगू से डरने की आवश्यकता नहीं है। यह मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होने वाला वायरल संक्रमण है, जो समय पर सही उपचार मिलने पर पूरी तरह ठीक हो जाता है।
डॉ अनिमेष गुप्ता ने बताया कि मानसून के दौरान और उसके बाद डेंगू के मामलों में वृद्धि होती है, इसलिए बरसात के दिनों में विशेष सतर्कता और सावधानी जरूरी है।
राष्ट्रीय डेंगू दिवस - इस वर्ष 16 मई को 10वाँ राष्ट्रीय डेंगू दिवस “Check, Clean, Cover: Steps to Defeat Dengue” थीम के साथ मनाया गया, जिसका उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना है।
तैयारी और सतर्कता
- डेंगू के लक्षण और गंभीर संकेत
उदयपुरवाटी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी अनिमेष गुप्ता ने बताया कि डेंगू के सामान्य लक्षणों में –
• तेज बुखार
• सिरदर्द
• मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द
• शरीर पर लाल दाने
• जी मचलाना व उल्टियां शामिल हैं।
गंभीर लक्षणों में लगातार उल्टियां, नाक/मुंह से रक्तस्राव, रक्तचाप कम होना, पेट में तेज दर्द, सांस लेने में कठिनाई, लिवर या शरीर में सूजन, अत्यधिक थकावट और पेट/फेफड़ों में पानी भरना शामिल हैं। ऐसे संकेत मिलने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
क्या करें और क्या न करें
• तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।
• पेरासिटामोल केवल डॉक्टर की सलाह से लें।
• झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों पर समय न गँवाएँ।
• प्लेटलेट सामान्य होने पर भी गंभीर लक्षणों की अनदेखी न करें।
रोकथाम के उपाय
• घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
• पानी की टंकियों व बर्तनों को ढककर रखें।
• मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
• मच्छरनाशी दवाओं का छिड़काव व फॉगिंग करवाएँ।
• कूलर/टंकियों में सप्ताह में एक बार तेल डालें।
• किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
जलवायु संवेदनशील बीमारी
डॉ गुप्ता ने कहा कि डेंगू एक जलवायु संवेदनशील बीमारी है, जो तापमान, आर्द्रता और वर्षा जैसे कारकों से प्रभावित होती है। उन्होंने कहा – “डेंगू की रोकथाम में सभी नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सामूहिक प्रयास से हम इस बीमारी पर पूरी तरह काबू पा सकते हैं।”