ओलावृष्टि से किसानों के अरमानों पर फिरा पानी, मुआवजे की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बावड़ी (निसार ग़ौरी)। कस्बे सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में सोमवार देर रात कुदरत के कहर ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अचानक मौसम में आए बदलाव, तेज अंधड़ और भारी ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी पक-पकाई जीरा, गेहूं और प्याज की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। मंगलवार को क्षेत्र के सैकड़ों पीड़ित किसानों ने उपखंड अधिकारी (SDM) जवाहर राम चौधरी को ज्ञापन सौंपकर विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की।
महिनों की मेहनत एक झटके में हुई जमींदोज:
किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उन्होंने साहूकारों से कर्ज लेकर और महिनों हाड़-तोड़ मेहनत कर फसलें तैयार की थीं। कटाई के मुहाने पर खड़ी फसलें नींबू के आकार के ओलों की भेंट चढ़ गईं। फसलें बर्बाद होने से किसान अब खून के आंसू रोने को मजबूर हैं और उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
विशेष गिरदावरी और मुआवजे की पुरजोर मांग:
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल विशेष गिरदावरी करवाई जाए ताकि फसल खराबे का सही आकलन हो सके। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि वे इस विकराल परिस्थिति से उबर सकें।
दर्जनों गांवों के किसान पहुंचे उपखंड कार्यालय:
इस अवसर पर सोयला, खेड़ापा, मोरनावडा, धनारी, भारी नगर, शहीद गणपत सिंह नगर, नांदिया कला, लवेरा सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान बावड़ी उपखंड कार्यालय पहुंचे। किसानों ने एसडीएम को अपनी आपबीती सुनाई, जिस पर उन्होंने उचित विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।

