गोविंदगढ़ में शुरू नहीं हुई गेहूं की खरीद: मंडी में अव्यवस्था से किसान परेशान, सस्ते में फसल बेचने को मजबूर
अलवर जिले की गोविंदगढ़ अनाज मंडी में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रक्रिया सरकारी अव्यवस्थाओं के कारण अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इससे किसानों को अपनी गेहूं की फसल सस्ते दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- 16 मार्च से खरीद की हुई थी घोषणा
सरकार ने 16 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद शुरू करने की घोषणा की थी। निगम ने मंडियों में किस्म निरीक्षक भी नियुक्त कर दिए थे, लेकिन अभी तक किसी भी किसान से गेहूं नहीं खरीदा गया है।
सरकार ने बोनस सहित 2735 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदने का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। हालांकि, गोविंदगढ़ मंडी में अभी तक 39 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन किसी भी किसान को फसल लाने के लिए संदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
नतीजतन, किसानों को अपना गेहूं 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के सस्ते दामों पर बेचना पड़ रहा है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस बीच, हाल ही में हुई बरसात के कारण गेहूं की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
- निर्धारित मानदंडों के आधार पर गेहूं की होगी खरीद
निगम के किस्म निरीक्षक पवन कुमार मीणा ने बताया-निगम केवल निर्धारित मानदंडों के आधार पर चमकदार गेहूं की ही खरीद करेगा। बरसात से भीगे गेहूं की खरीद तभी संभव होगी जब इसके लिए कोई छूट मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक उन किसानों की सूची नहीं मिली है जिनसे गेहूं खरीदा जाना है।
मंडी समिति के अध्यक्ष दुलीचंद गुप्ता ने निगम से शीघ्र गेहूं खरीद शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने सरकार से गेहूं की गुणवत्ता के मामले में छूट प्रदान करने की भी मांग की, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।


