सीएमएचओ डॉ खराडी की लापरवाही से नहीं मिल रहा निशुल्क जांचों की सुविधा का लाम: रोहित खत्री खत्री ने चिकित्सा मंत्री खत्री ने खींवसर को पत्र देकर की मांग भ्रष्ट अधिकारीयों को हटाया जाए
सिरोही (रमेश सुथार) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्रसिंह खीवसर का सिरोही आगमन पर सर्किट हाउस में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने ज्ञापन देकर बताया कि सिरोही जिले की अधिकांश सीएचसी पीएचसी में मरीजों की राज्य सरकार की ओर से निर्धारित मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना में पूरी जांचे नहीं हो रही है इसको लेकर पूर्व में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी को पत्र देकर अवगत करवाया था लेकिन आज दिन तक मरीजों को योजनाएं का लाभ नहीं मिल रहा है।
जिसके कारण मरीजों को मजबूरन उपचार के लिए गुजरात जाना पड रहा है प्रदेश में जांच व उपचार सुविधा निःशुल्क होते हुए भी हर रोज जिले के सैकड़ों मरीज उपचार के लिए गुजरात में लुटने को मजबूर है। मरीजों के गुजरात जाने का कारण टेक्नीशियन का अभाव व विभागीय लापरवाही के चलते यह जांच व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है जिले के मरीजों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खत्री ने बताया कि सिरोही सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी व डिप्टी सीएमएचओ डॉ सत्यप्रकाश शर्मा द्वारा जांच योजना में आवंटित बजट का 80 से 90 प्रतिशत बजट सिर्फ दो जांचों पर (शुगर एवं हिमोग्लोबिन जांच) खर्च कर दिया है। इनकी लापरवाही से चिकित्सा संस्थानों पर अन्य जांचे नहीं हो रही है।
जिला मीडिया प्रभारी खत्री ने बताया कि सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी ने 17 फरवरी को समाचार पत्रों में खबर छपवाकर बताया था कि 15 दिनों में जिले में हब एंड स्पोक मॉडल लागू हो जाएगा और 151 तक उन्नत जांच की निशुल्क सुविधा मिलेगी। लेकिन आज दिन तक जिले में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है और चिकित्सा विभाग के अधिकारीयों की लापरवाही के चलते जिले में अबतक जांच योजना का हब एंड स्पोक मॉडल भी क्रियान्वित नहीं हो पाया है जिससे भाजपा सरकार की योजनाओं को लाभ जनता को नही मिल पा रहा है।
- विभिन्न जांचों के लिए उपलब्ध बजट का असंतुलित उपयोग : खत्री
हानि पंहुचाई है और आर्थिक लाभ लिया है इनको को पद से हटाकर, भ्रष्टाचार की जांच करवाई जाए। जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर को पत्र में बताया कि यह अत्यंत गंभीर जांच का विषय है कि सीएमएचओ कार्यालय को संबंधित चिकित्सा संस्थानों में अनेक जांचों के संचालन हेतु बजट उपलब्ध कराया गया था। चिकित्सा संस्थानों पर एनएचएम बजट से सब सेंटर स्तर की 14 जांचो. सीएचसी स्तर की 101 जांचो, पीएचसी स्तर की 66 जांचों एवं जिला अस्पताल स्तर की 143 जांचों के संचालन हेतु उपयोग में लिया जाने वाला बजट, एकल स्रोत उपापन के माध्यम से केवल 2 सामग्रियों पर ही केंद्रित कर दिया गया तथा उन्हीं 2 आइटमों का करोड़ों रुपये का क्रय किया गया।
यह केवल खरीद संबंधी अनियमितता नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक विकृति का मामला है। खत्री ने चिकित्सा मंत्री खींवसर से मांग की है कि सीएमएचओ डॉ दिनेश खराडी व डिप्टी सीएमएचओ डॉ सत्यप्रकाश शर्मा ने भ्रष्टाचार कर सरकार को राजस्व हानि पहुँचाई है और आर्थिक लाभ लिया है इनको पद से हटाकर भ्रष्टाचार की जांच करवाई जाए।