इबादत का अनूठा सम्मान, मस्जिद कमेटी और केजीएन ग्रुप ने इमाम साहब को तोहफे में दिया उमराह का टिकट
अजमेर (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान के अजमेर जिले में इबादत और खिदमत-ए-खल्क की एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। गेगल स्थित गरीब नवाज कॉलोनी की चिश्तिया मस्जिद में रमजान के मुकद्दस महीने के दौरान एक ऐतिहासिक पल देखा गया। रमजान की 27वीं शब (शब-ए-कद्र) के मुबारक मौके पर, जब मस्जिद में कुरान शरीफ की तिलावत मुकम्मल हुई, तो मस्जिद कमेटी और केजीएन ग्रुप ने मिलकर एक बड़ा तोहफा दिया। मस्जिद के इमाम, हाफिज निजामुद्दीन साहब की सेवाओं और उनकी रूहानी रहनुमाई का सम्मान करते हुए उन्हें उमराह का टिकट भेंट किया गया। स्थानीय निवासियों और कमेटी के सदस्यों के अनुसार, अजमेर जिले के ग्रामीण या शहरी इलाकों में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहाँ किसी मस्जिद कमेटी और युवाओं के ग्रुप ने मिलकर अपने इमाम को उमराह पर भेजने की जिम्मेदारी उठाई है। आमतौर पर मस्जिदों में जलसे और इफ्तार के आयोजन होते हैं, लेकिन इमाम साहब को इस तरह का अंतरराष्ट्रीय रूहानी सफर तोहफे में देना एक नई और सकारात्मक परंपरा की शुरुआत मानी जा रही है। केजीएन ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि इमाम साहब साल भर हमारी रूहानी तरबियत करते हैं। कुरान मुकम्मल होने की खुशी में हम उन्हें कुछ ऐसा देना चाहते थे जो उनके दिल के करीब हो। अल्लाह की राह में उनका यह सफर हमारे लिए भी खुशकिस्मती है।