चैत्र नवरात्रि कीअष्टमी, नवमी ,पर होगा कन्या पूजन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) चैत्र नवरात्रि का पर्व अब समापन की ओर है। लेकिन उससे पहले कन्या पूजन का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के अंतिम दो दिन अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष रूप से कन्या पूजन किया जाता है।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि कन्या पूजन देवी की साक्षात उपासना का रूप माना गया है। मान्यता है कि, छोटी कन्याओं में मां दुर्गा का वास होता है, इसलिए उनका पूजन कर भक्त अपने व्रत को पूर्णता प्रदान करते हैं। और देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। हालांकि, कई बार तिथियों के एक ही दिन होने पर अष्टमी-नवमी को लेकर असमंजस बना है।
कब हैअष्टमी .....
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर हो रही है। तिथि का समापन 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर माना जा रहा है
उदया तिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में 26 मार्च, गुरुवार को अष्टमी होगी और कन्या पूजन किया जाएगा।
अष्टमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
26 मार्च को अष्टमी के दिन सुबह 6 बजकर 18 मिनट से 7:50 तक कन्या पूजन कर सकते हैं। इसके अलावा सुबह 10:55 से दोपहर 3:31 तक का भी शुभ समय बना रहेगा।
कब है नवमी
पंचांग के मुताबिक, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा। अब चूंकि राम जी का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। रामनवमी का पर्व 26 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। हालांकि, नवमी कन्या पूजन 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक किया जाएगा। इस दौरान चैत्र नवरात्रि 2026 का व्रत पारण भी 27 मार्च को ही किया जाएगा।
नवमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त - 27 मार्च को कन्या पूजन के लिए बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। इस तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग का संयोग भी बना रहेगा।
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक
- लाभ-उन्नति मुहूर्त- सुबह 07:50 बजे से 09:22 बजे तक
रामनवमी पूजा का समय
26 मार्च को रामनवमी है। इस दिन सुबह 11 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक भगवान राम की पूजा का शुभ समय माना जा रहा है। इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 27 मिनट मध्याह्न बेला मानी जाती है, जिसे श्रीराम का वास्तविक जन्म समय माना जाता है।