'मौत का झूला': 60 फीट ऊंचा झूला उखड़कर गिरा; 80 लोग थे सवार, 30 से ज्यादा घायल— लापरवाही की भेंट चढ़ीं खुशियां, 10 की हालत नाजुक

Apr 2, 2026 - 18:57
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'मौत का झूला': 60 फीट ऊंचा झूला उखड़कर गिरा; 80 लोग थे सवार, 30 से ज्यादा घायल— लापरवाही की भेंट चढ़ीं खुशियां, 10 की हालत नाजुक

कुशीनगर  (शशि जायसवाल) यूपी के कुशीनगर में बुधवार देर रात 11.30 बजे बड़ा हादसा हो गया। यहां मेले में लगा 60 फीट का झूला घूमते वक्त उखड़कर गिर गया। 30 लोग घायल हो गए। ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। 2 बच्चों की हालत गंभीर है। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच लोग मदद के लिए दौड़े।

हादसे के वक्त झूला फुल था। करीब 80 लोग बैठे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 2 बार घूमने के बाद झूला चरमराने लगा। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन ऑपरेटर ने नजरअंदाज कर दिया। कुछ ही देर बाद झूला तेज आवाज के साथ उखड़कर टूट गया। इसमें बैठे लोग नीचे गिर गए। ऊपर झूला गिरने से नीचे ही दब गए।

मेले में तैनात पुलिसकर्मियों ने आसपास के लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया। झूले के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

घायल लालू गुप्ता ने बताया- जब हम झूले पर चढ़े तभी खट की आवाज आई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। फिर झूला दो बार घूमा और अचानक टूट गया

घटना खड्डा थाना क्षेत्र की है। यहां 30 मार्च से 4 दिन का भैसहा मेला चल रहा है। मेले में पूर्वांचल के अलावा नेपाल और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। गुरुवार को मेले का आखिरी दिन है। ऐसे में बुधवार शाम से ही मेले में काफी भीड़ थी।

  • 10 से ज्यादा घायल मेडिकल कॉलेज रेफर

पुलिस के मुताबिक, हादसे में झूले के आसपास खड़े लोग भी चपेट में आ गए। भारी-भरकम झूला गिरने से कई लोगों के सिर में गंभीर चोट आई है। कुछ दुकानें भी इसकी चपेट में आईं हैं। झूला इतना भारी था कि रेस्क्यू में करीब एक घंटे का वक्त लग गया। 6 एंबुलेंस से सभी घायलों को अस्पताल भेजा। 10 से ज्यादा लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

  • झूले का बेस कमजोर था, इसलिए गिरा

 भैसहा मेला नारायणी नदी के तट पर स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर के पास हर साल चैत्र पूर्णिमा पर लगता है। प्रशासन ने झूला संचालन में लापरवाही की आशंका जताते हुए हादसे की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, झूले का बेस कमजोर था। यानी, जमीन के अंदर उसे ठीक से नहीं गाड़ा गया था। यही वजह है कि जब 80 लोग झूले पर बैठे तो वह वजन नहीं सह पाया और गिर गया। मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय तहसील खड्डा, थाना और ग्रामसभा भैसहा की थी।

एसडीएम रामबीर सिंह ने हादसे पर कहा-  मेले में इस बार भीड़ ज्यादा आ गई, जिसका अनुमान नहीं था। झूले की परमिशन ली गई थी या नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है। अभी यह पता लगाने की कोशिश है कि हादसे की असली वजह क्या है। इसके बाद जिम्मेदारों पर एक्शन लेंगे।

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