ACB का बड़ा धमाका: गोविंदगढ़ तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया और दलाल ट्रैप, डेढ़ लाख की रिश्वत बरामद
गोविंदगढ़ (अलवर) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अलवर प्रथम इकाई ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोविंदगढ़ के तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया और उनके निजी दलाल रवि उर्फ रिंकू को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता के नेतृत्व में की गई।
क्या है पूरा मामला?
शब्बीर खान उप अधीक्षक पुलिस के अनुसार परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अपनी ताईजी की वसीयत के आधार पर जमीन अपने नाम करवानी थी। पटवारी और ग्राम पंचायत चिड़वाई के सरपंच ने वसीयत रजिस्टर्ड न होने का हवाला देकर मामला अटका दिया था। इसके बाद परिवादी ने उप खंड अधिकारी (SDM) के न्यायालय में अपील की जहां से 3 दिसंबर 2025 को उसके हक में आदेश जारी हुआ।
जब परिवादी ने यह आदेश तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया को सौंपा, तो उन्होंने फाइल पर सुनवाई शुरू कर दी और काम करने के बदले अपने दलाल रवि उर्फ रिंकू के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
फार्म हाउस पर हुई डील
एसीबी द्वारा 13 मार्च को शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि आरोपी तहसीलदार ने दलाल के कहने पर ग्राम सिरमौर स्थित एक निजी फार्म हाउस पर परिवादी से मुलाकात की और सौदा 3.50 लाख रुपये में तय हुआ।
ट्रैप की कार्रवाई
उप महानिरीक्षक पुलिस (IV) अनिल कयाल के सुपरविजन और एसीबी अलवर प्रथम के प्रभारी शब्बीर खान (DSP) के नेतृत्व में आज जाल बिछाया गया। जैसे ही दलाल रवि उर्फ रिंकू ने परिवादी से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1,50,000 रुपये प्राप्त किए, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके तुरंत बाद तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया को भी तहसील कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया।