अब दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर करना होगा आसान, सरकार खत्म कर सकती है NOC की टेंशन
दिल्ली (कमलेश जैन) भी तक एक राज्य से दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर कराने के लिए NOC लेना बड़ी मुसीबत होती थी। इसके लिए RTO के चक्कर काटने और ढेरों कागजों के कारण यह काम थोड़ा मुश्किल होता था। अब सरकार इस NOC की जरूरत को खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इससे गाड़ी ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
गाड़ी ट्रांसफर का वर्तमान नियम
अभी की प्रक्रिया काफी लंबी है। सबसे पहले पुराना RTO से NOC लेना पड़ता है जो साबित करता है कि आपकी गाड़ी पर कोई टैक्स, चालान या लोन बकाया नहीं है। NOC के साथ RC, फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स की रसीदें भी जमा करनी होती है।
इस कागजी कार्रवाई को RTO के चक्कर काटते-काटते समय की काफी बर्बादी होती है और ट्रांसफर करने या बेचने में काफी देरी हो जाती है।
सरकार का नया प्रस्ताव
NDTV के मुताबिक, नीति आयोग की एक हाई-कमेटी ने सिफारिश की है कि राज्यों के बीच गाड़ी ट्रांसफर करने के लिए NOC की जरूरत को खत्म कर दिया जाए। कमेटी का सुझाव है कि कागजी कार्रवाई के बजाय एक स्वाचालित क्लीयरेंस सिस्टम बनाया जाए। इससे RTO के चक्कर और अफसरों की दखलअंदाजी से बचा जा सके।
सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। अगर यह लागू हुआ तो लाखों गाड़ी मालिकों के लिए अपना वाहन दूसरे राज्य ले जाना या बेचना काफी आसान हो जाएगा।
डिजिटल डेटाबेस से होगा सारा काम
वर्तमान समय में गाड़ियों की जानकारी 'वाहन नाम के डिजिटल डेटाबेस में सुरक्षित है। RTO अधिकारी एक क्लिक पर गाड़ी का रिकॉर्ड देख सकते हैं। गाड़ी पर कोई टैक्य बकाया है या चालान, इसकी जांच अब बिना किसी फिजिकल पेपर के हो सकती है।
गाड़ी ट्रांसफर करेंगे तो सिस्टम खुद ही पुराने रिकॉर्ड चेक कर लेगा। इससे NOC लेने की पुरानी और थकाऊ प्रक्रिया की जरूरत ही नहीं रहेगी।
गाड़ी मालिकों को होगा फायदा
अगर यह नियम लागू होता है तो RTO के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही हफ्तों तक NOC का इंतजार करना होगा। बाजार में गाड़ियों को खरीदना तेज और पारदर्शी हो जाएगा। इसके अलावा, जिन कंपनियों के पास बहुत सारी गाड़ियां हैं उनके लिए स्टॉक बिक्री करने में आसान हो जाएगा।