राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक ने जीते जी लिया अंगदान करने का संकल्प, मिसाल बने सकट के कैलाश चंद
सकट.(अलवर) अंगदान महादान अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित सकट के शिक्षक कैलाश चंद मीणा ने अनूठी पहल करते हुए जीते-जी अपनें अंगदान करने का संकल्प लिया है। सेवा के वैसे तो आपने खूब अनूठे उदाहरण देखें होंगे, लेकिन प्राणों को त्यागने के बाद भी किसी जरूरतमंद की सेवा करना उस व्यक्ति को कही सालों बाद भी आम लोगो के दिलों में जीवित रखता है. दरअसल अंगदान करना यदि आप भी जिंदगी के बाद भी किसी को जीवनदान देने का संकल्प लेने के इच्छुक है तो आपके पास भी सुनहरा अवसर है. इंसान जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी दूसरों के लिए जीवन दे सकता है।
मेडिकल साइंस के साथ-साथ चिकित्सा विभाग और कई संस्थाएं अंगदान के लिए लोगों को प्रेरित कर रही हैं. इस बीच सकट गांव के शिक्षक कैलाश चंद मीणा ने जीते-जी अंगदान का संकल्प लेकर बड़ी मिसाल पेश की है। कैलाश चंद मीणा वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुरा रैणी में शिक्षक के पद पर कार्यरत्त है।