राजकीय बीडीके अस्पताल झुंझुनूं के सेवारत चिकित्सकों ने नियमित टीचिंग फैकल्टी में समायोजन करने हेतु सौपा पत्र
झुंझुनू (अरुण कुमार)
राजकीय बीडीके अस्पताल झुंझुनूं में कार्यरत सेवारत चिकित्सको ने एन एम सी की गाइडलाइंस की पालना करवाने एवं टेक 25 के तहत नियमित चिकित्सक शिक्षक के पद पर समायोजित करने हेतु जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा।सेवारत चिकित्सको ने पदनामित फैकल्टी से सामूहिक त्यागपत्र दिया गया।
अरिसदा अध्यक्ष डॉ एस ए जब्बार ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा टेक-2025 के तहत देशभर की मेडिकल कॉलेजों में सेवारत चिकित्सको की योग्यता एवं अनुभव का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमीं दूर करने की सराहनीय पहल की है। वर्तमान में प्रदेशभर के अधिकांश मेडिकल कालेज फैकल्टी की कमीं से जूझ रहे हैं। तथा एनएमसी से मान्यता खत्म होने का संकट बना हुआ है। विद्यार्थियों की बढ़ाई बाधित हो रही है।
राजस्थान सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के राजस्थान चिकित्सा शिक्षा नियम 1962 में संशोधन के द्वारा सेवारत चिकित्सको के समायोजन हेतु प्रस्ताव,कमेटी के गठन करने का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्रदान करता है। सेवारत चिकित्सको की योग्यता एवं अनुभव, प्रशासनिक क्षमताओं का लाभ प्रदेश की जनता को मिल सकेगा। सेवारत चिकित्सको द्वारा रोगी सेवा एवं अध्यापन का दोहरा लाभ मिलने एवं नवीन भर्ती की आवश्यकता नहीं होने से वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। चिकित्सक संघ द्वारा मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री का आभार जताया गया है।
अरिसदा प्रवक्ता डॉ विजय झाझडिया ने बताया कि जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन हेतु डॉ एस ए जब्बार, डॉ राजेन्द्र ढाका, डॉ राजेन्द्र गजराज, डॉ जगदेव, डॉ सलीम, डॉ जावेद, डॉ डॉ अरूण बाटड़, डॉ सिद्धार्थ शर्मा, डॉ प्रियंका, डॉ गौरव, डॉ प्रतिभा, डॉ प्यारेलाल समेत चिकित्सक मौजूद रहें।
फैक्ट फाइल:-
- मेडिकल कॉलेज की संख्या -30
- प्रदेशभर में सेवारत चिकित्सको 19 हजार
- बीडीके अस्पताल में सेवारत चिकित्सको की संख्या -75
- 100 सीटों के मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की आवश्यकता
- आचाऊ -15
- सह आचार्य -20
- सहायक आचार्य -18
- सीनियर रेजिडेंट -65
- ट्यूटर/डेमोस्ट्रैटर-45
- जिलेभर में कार्यरत सेवारत चिकित्सक-400 से ज्यादा।