राजस्थान के हॉस्पिटलों में ओपीडी सेवाओं का नया समय लागू
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश की जनता से अनुरोध किया है कि वे इस नए समय के अनुसार अपनी चिकित्सा जरूरतों की योजना बनाएं और निर्धारित समय में ही ओपीडी सेवाओं का लाभ लें। यह व्यवस्था मरीजों की सुविधा और चिकित्सा सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए लागू की गई है। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें।
आंगनबाड़ी केंद्रों का समय भी 1 अक्टूबर, बुधवार से बदल जाएगा। अब ये केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक, कुल चार घंटे संचालित होंगे
जयपुर, (30 सितंबर 2025:) सरकारी अस्पताल और उससे जुड़ी चिकित्सा संस्थाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां इलाज करवाने वाले मरीजों के लिए समय में बदलाव किया जा रहा है। 1 अक्टूबर से समय में बदलाव होगा। आपको बता दें कि अब ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक हो गया है। इस दौरान मरीजों को नियमित परामर्श सेवाएं मिल सकेंगी। सर्दी के हिसाब से नए समय पर सेवाएं मिलेंगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समय में बदलाव सर्दी के कारण किया गया है, ताकि मरीज और डॉक्टरों दोनों को सुविधा मिल सके और इलाज भी सुचारू रूप से चले।
राजस्थान के सभी चिकित्सा संस्थानों में 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाओं के लिए नई समय-सारिणी लागू की गई है। इसके तहत ओपीडी सेवाएं प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक उपलब्ध होंगी। राजपत्रित अवकाश के दिनों में यह सेवाएं सुबह 09:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगी।
1 अक्टूबर से ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से 3 बजे होगा। इस दौरान सभी डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। सरकारी आदेश के मुताबिक, छुट्टियों वाले दिन ओपीडी का समय घटाकर दो घंटे कर दिया जाएगा। ऐसे दिनों में ओपीडी सुबह 9 से 11 बजे तक ही संचालित होगी। वहीं, इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
इन्डोर वॉर्ड सेवाओं के समय में भी हुआ बदलाव
वहीं इन्डोर वार्ड के समय भी बदलाव किया गया है। आपको बता दें कि इन्डोर वॉर्ड सेवाओं का समय सुबह 8 बजे से निर्धारित कर दिया गया है। इस दौरान भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार और देखरेख प्रदान की जाएगी। नए समय से मरीजों और डॉक्टरों दोनों को सुविधा होगी और कार्यप्रणाली और अधिक सुचारु रूप से चलेगी।
मरीज आते वक्त नए समय का ध्यान रखें
अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी मरीजों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि वे 1 अक्टूबर से लागू होने वाले इस नए समय का पालन करें। इलाज के लिए आते वक्त नए समय का ध्यान रखें।
वायरल इन्फेक्शन, खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े
बदलते मौसम के चलते अब हॉस्पिटल में मौसमी बीमारियों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिनमें 50 फीसदी से ज्यादा मरीज बुखार, खांसी-जुकाम और वायरल इन्फेक्शन के है।
डॉक्टर्स का कहना है कि बारिश के बाद दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडक जैसे मौसम में यूआरआई (अपर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन) बढ़ने लगता है। इससे गले में खराश, गला चौक होना, नाक बहने जैसे परेशानी बढ़ जाती है। वहीं इस इन्फेक्शन का असर ज्यादा होने पर ये लंग्स पर इफेक्ट करता है, जिससे लोगों को खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत भी बढ़ जाती है।