अजित पवार विमान हादसा: शरद पवार ने साजिश के दावों को नकारा, बोले- 'मौत पर राजनीति न करें'
पुणे/बारामती: (शशि जायसवाल) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (AP) अध्यक्ष अजित पवार के निधन के बाद उपजे राजनीतिक विवाद पर उनके चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। विपक्ष के कुछ बड़े नेताओं द्वारा इसे 'साजिश' बताए जाने के दावों को खारिज करते हुए शरद पवार ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दुखद हादसा है और इसे सियासी चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
ममता और अखिलेश ने जताई थी बड़ी आशंका
अजित पवार की मौत की खबर के बाद विपक्षी खेमे से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं:
ममता बनर्जी: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस हादसे के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया से जानकारी मिली थी कि अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ने वाले थे। ममता ने केंद्र की एजेंसियों पर अविश्वास जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।
अखिलेश यादव सपा प्रमुख ने भी ममता के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि VIP विमानों के साथ ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं, इसलिए इसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है।
चाचा शरद पवार ने खींची 'लक्ष्मण रेखा'
जब यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा, तब शरद पवार ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा:
"अजित की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है। इस शोक की घड़ी में परिवार को शांति की जरूरत है। इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है।
विशेषज्ञों की राय: 'पवार का बयान बेहद महत्वपूर्ण'
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शरद पवार ने यह बयान देकर न केवल बढ़ते विवाद को थाम लिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि बारामती और महाराष्ट्र में माहौल न बिगड़े। उनके इस हस्तक्षेप ने उन सभी अटकलों को खत्म कर
दिया है जो केंद्र सरकार या भाजपा को घेरने के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं।
वर्तमान स्थिति: फिलहाल जांच एजेंसियां विमान हादसे के तकनीकी कारणों का पता लगा रही हैं। शरद पवार के इस कड़े रुख के बाद अब विपक्षी दलों के लिए इस मुद्दे पर 'साजिश का नैरेटिव' आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया है।

