जब हम स्वयं को बदलते हैं तब ही विश्व परिवर्तन का मार्ग होता है प्रशस्त - हीरा बहन
डीग (नीरज जैन) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ओम शांति भवन के तत्वावधान में डीग के गांव गारोली में 90वां शिव जयंती महोत्सव राज योगिनी हीरा बहन की अध्यक्षता में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
सुबह कलश यात्रा और शिव ध्वज के साथ श्रद्धालुओं ने गांव के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा निकाली। इसके बाद बीके पाठशाला में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ शिव ध्वज फहराकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इमरती देवी और पूनिया माता ने अतिथियों का तिलक और पुष्प से स्वागत किया।
मुख्य अतिथि राजपाल ने अपने संबोधन में कहा कि जो स्वयं को पहचान लेता है, वही जीवन का सच्चा उद्देश्य समझ पाता है। उन्होंने कहा कि हम आत्मा स्वरूप, अजर-अमर और अविनाशी हैं, इसलिए भगवान के बताए मार्ग पर चलकर जीवन को श्रेष्ठ बनाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि शिवचरण ने भी आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विचार व्यक्त किए।
ब्रह्माकुमारी तारेश ने शिव जयंती का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि शिव पर धतूरा और बेलपत्र चढ़ाने के साथ-साथ हमें अपनी बुराइयों का भी त्याग करना चाहिए। ब्रह्माकुमारी प्रीति ने कहा कि परमात्मा सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान और जन्म-मरण से परे है। वह धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अवतरित होकर मानवता को सत्य मार्ग दिखाता है।
अध्यक्षता करते हुए राजयोगिनी हीरा बहन ने कहा कि जब हम स्वयं को बदलते हैं, तभी विश्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। श्रेष्ठ संस्कार और मधुर व्यवहार से ही सुंदर विश्व का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में दूरिया , वीरपाल, बालकृष्ण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। संचालन ब्रह्माकुमारी राधा बहन ने किया।