प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण नियमों को ताक पर रखकर चल रहे है अवैध रूप से क्रेशर
क्रेशर सचलको ने नही कराए है अपनी क्रेशरों का कन्वर्जन
बिना कन्वर्जन के चल रही क्रेशर से राज्य सरकार के राजस्व का हो रहा है भारी नुकसान
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भुसावर उपखण्ड के गांव घाटरी इलाके में प्रशासन व खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते अवैध रूप से खनन जमकर हो रहा है। जिसमें स्थानीय क्रेशर संचालक और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
वही प्रशासनिक अधिकारियों की सह पर भुसावर के नया गांव खालसा व बल्लभगढ़ की पर्वत मालाओं में निरंतर खनन का कार्य किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत की वजह से पर्वत मालाओं में अवैध रूप से खनन को जमकर बढ़ावा दे रहे हैं। जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की राजस्व की हानि हो रही है । जब कि इन क्रेशरो पर राज्य और केंद्र सरकार की ओर से बनाए नियमों का मापदंडों की पालना क्रेशर संचालकों की ओर से नहीं की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण भुसावर उपखंड में करीब 23 क्रेशर का संचालन बिना कन्वर्जन के करीब पिछले बीस वर्ष से हो रहा है।क्रेशर मालिकों ने कई साल गुजर जाने के बाद भी अभी तक क्रेशर जिस जगह में क्रेशर चल रही है। उस जगह का राजस्व अभिलेख विभाग में आज तक कन्वर्जन नहीं कराया है। कुछ क्रेशर संचालकों ने रेवेन्यू विभाग से बचने के लिए आधे अधूरे भू-भाग का कन्वर्जन करा रखा है।
वहीं स्थानीय प्रशासन को बिना कन्वर्जन के चल रहे क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्यवाही करने से बच रहे हैं ।यहां तक प्रशासन की ओर से अवैध रूप से क्रेशर का संचालन करने वालो को नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं । कारवान, घाटरी, मंशापुरा, नया गांव खालसा, बल्लभगढ़ निवासी लोगों ने बताया कि मायदपुर बल्लभगढ़ गांव की पहाड़ी में अवैध खनन करके पत्थर निकाला जा रहा है। इलाके में अवैध रूप से हो रहे खनन कार्य पर प्रशासन बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है।पहाड़ों में अवैध रूप से एलएनटी लगाकर अवैध खनन किया जा रहा है और पत्थरों को निकाल के बाहर भेजा जा रहा है ।
जिस जगह से पत्थर को अवैध तरीके से निकाला जा रहा है कोई लीज भी नहीं है। कुछ लोगो द्वारा एलएनटी व बड़ी मशीन लगाकर पत्थर को अवैध तरीके से विस्फोट करके निकाला जा रहा है। साथ ही विस्फोट से टूटे पत्थर से किसानों की फसल को भी नुकसान हो रहा है। लोगो ने बताया कि अवैध विस्फोटक से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है पर प्रशासन को मालूम होने के बाद भी अवैध खनन कर्ताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। घाटरी क्रेशर जोन में कुछ ऐसी क्रेशर है जो अवैध खनन माफिया से पत्थर खरीद कर अपनी क्रेशर चला रहे है।और खनन माफियाओं को विस्फोटक भी उपलब्ध करा रहे है। यहां क्रेशर से उड़ रही डस्ट से आसपास के खेतों की भूमि में खेती प्रभावित हो रही है। साथ ही किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है ।
ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास की उपजाऊ भूमि अनुउपजाऊ होती जा रही है। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। डस्ट के ऊपर पानी का छिड़काव तक क्रेशर संचालकों की ओर से नहीं करवाया जा रहा है।इस पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।
गांव के लोगों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से रात के समय एलएनटी लगा कर के लगाकर के खनन माफियाओं द्वारा पत्थर निकाला जा रहा है।साथ ही रात के अंधेरे में क्रेशर संचालकों की ओर से पत्थर को भिजवाया जा रहा है पर प्रशासन और खनिज विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जब अवैध खनन के बारे में बयाना रेंजर हरभान सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगातार गस्त की जाएगी और अवैध खनन के प्वाइंटों पर वन विभाग के कर्मचारी लगाए जाएंगे। जब बिना कन्वर्जन के चल रही क्रशरों के बारे में भुसावर तहसीलदार अभयराज सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि ये मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है।क्रशरों के कन्वर्जन की जांच की जाएगी।

