'न्याय आपके द्वार' अभियान एवं राष्ट्रीय लोक अदालत पर बैठक आयोजित
राजगढ़ (अलवर/अनिल गुप्ता) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित तीन माह के विशेष अभियान न्याय आपके द्वारलोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने तालुुका विधिक सेवा समिति, राजगढ़ में एक महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा अभियान के सफल क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करना था, जिसका प्राथमिक लक्ष्य आम जनता की लोक उपयोगी सेवाओं जैसे बिजली, पानी, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य से संबंधित शिकायतों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से बिना किसी खर्च और शीघ्रता से सुनिश्चित करना है।
मोहन लाल सोनी ने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को इस विशेष अभियान की विस्तृत रूपरेखा, शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया और स्थायी लोक अदालत के महत्त्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि न केवल स्थायी लोक अदालत,राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रों का उपयोग भी लोगों को तुरंत और आपसी सहमति से न्याय दिलाने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
न्याय की सुलभता सुनिश्चित करने हेतु अपील -
सचिव ने अधिवक्ताओं को इन सभी माध्यमों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने और शिकायतों को उचित मंच तक पहुँचाने में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस सामूहिक प्रयास का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि "न्याय आपके द्वार" अभियान के माध्यम से राजगढ़ क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को सुलभ और त्वरित न्याय का लाभ मिल सके। इस पहल से 40 लाभार्थियों को लक्षित करते हुए, उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में उपस्थितगण
बैठक में मोहन लाल सोनी के साथ न्यायिक अधिकारी और बार संघ के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें एसीजेएम नं.1नवीन कुमार झरवाल, एसीजेएम नं- 2, रचना मीणा, एम जे एम शांतनु सिंह खंगारोत तथा अधिवक्तागणों में बार संघ सचिव धर्मेंद्र गुरु, सूरजभान सिंह, रमाकांत शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सीताराम वशिष्ट ,भूपेंद्र कुमार शर्माअशोक पटेल, योगेश व्यास सहित अन्य मौजूद थे।