बाड़मेर में आयोजित निरंकारी संत समागम में गूंजा मानवता का दिव्य संदेश :संत हमेशा ब्रह्मज्ञान से जुड़कर एकत्व की रखते हैं भावना
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की छत्रछाया में बाड़मेर शहर के आदर्श स्टेडियम में शुक्रवार प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक भव्य निरंकारी संत समागम का ,आयोजन हुआ।
इस पावन अवसर पर अलवर सहित अनेक क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर सत्संग का आनंद लिया और सतगुरु के प्रेरणादायी संदेशों से अपने जीवन को सार्थक बनाया।
संत समागम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सतगुरु माता जी ने कहा कि संत हमेशा ब्रह्मज्ञान हासिल करके एक्त्व की भावना रखते हैं वो कभी किसी से भेदभाव नहीं करते एवं परमात्मा की नजर में भी सब एक ही है। आज के समय में इंसान नफरतों को अपना दोस्त बना लेता है लेकिन असल में जब हम इस ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति कर लेंगे तब नफरतों की जगह हम हर किसी से प्यार करने लगेंगे। हम अपने जीवन में आत्ममंथन करके सही दिशा में चलने का प्रयास करें, परमात्मा हर जगह व्याप्त है इसे ब्रह्मज्ञान की नजर से देख सकते हैं अपने जीवन काल में इस परमात्मा को प्राप्त कर अपने जीवन को और अधिक सुंदर बना सकते हैं
आगे सतगुरु माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा की सच्चाई कभी नहीं बदलती हैं और इसे पाकर हमारे सारे भ्रम मिट जाते हैं। हमारे अंदर सेवा, सिमरण के भाव हो तो हम आत्ममंथन भी सही दिशा में कर पाएंगे। जब हृदयों में प्रेम, सम्मान और सद्भावना बनी रहती है, तब समाज में निकटता बढ़ती है और मन-मुटाव समाप्त होते हैं।
समागम के अंत में बाड़मेर जोन के जोनल इंचार्ज शांतिलाल ने सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी का स्वागत करते हुए साध संगत, प्रशासनिक अधिकारी, बाड़मेर पुलिस, व्यवस्था कर्मी और मीडिया बंधुओं का धन्यवाद व्यक्त किया
शनिवार को आज ब्यावर में रविवार 30 नवंबर को जयपुर में विद्याधर स्टेडियम में निरंकारी संत समागम का आयोजन किया जाएगा । अलवर ब्रांच के संयोजक सोमनाथ जी ने बताया कि जयपुर समागम में सेवाओं के लिए अलवर से सेवादल के भाई बहन व अनेक श्रद्धालु महात्मा आज प्रस्थान करेंगे ।