यूनेस्को का प्लास्टिक छोड़ो अभियान, प्लास्टिक पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक : माली
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) जिला यूनेस्को एसोसिएशन के तत्वाधान में व जवाहर फाउंडेशन तथा LNJ ग्रुप भीलवाड़ा के सहयोग से अगस्त क्रांति के अवसर पर शुरू किए गए प्लास्टिक छोड़ो प्रकृति से नाता जोड़ो अभियान के तहत शहर के लेबर कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी राजकीय हाई सेकेंडरी स्कूल में सीनियर कक्षाओं के छात्र व छात्राओं को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया। वहीं उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कपड़े के बैग भी वितरण किए गए।
कार्यक्रम संयोजक व स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन इन राजस्थान के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहां की प्लास्टिक को छोड़ना पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कचरे और प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत है, जिससे दीर्घकालिक बीमारियां हो सकती है। प्लास्टिक से बचने के लिए कपड़े के बैग इस्तेमाल करने चाहिए जो कि दोबारा धो कर भी वापस काम ले सकते हैं। इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त उत्पादों को नही खरीद दे और अपने आसपास प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाएं।
माली ने नारा देते हुए कहा कि "प्लास्टिक छोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो" उन्होंने यह भी कहा की अब समय है स्थाई विकल्प बनाने का एक छोटी आदत से बड़ा परिवर्तन शुरू हो सकता है। यही हमारा इस कार्यक्रम का उद्देश्य है इसलिए आप सभी से मैं आग्रह करता हूं कि आइये आज से ही कहें प्लास्टिक को ना प्रकृति को हां।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक जैथलिया ने उपस्थित छात्र-छात्राओं सहित सभी को प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया और छात्र-छात्राओं से कहा कि आप अपने परिवार व आसपास के सभी दोस्तों को भी प्लास्टिक से छोड़ने के लिए प्रेरित करें।
जिला यूनेस्को एसोसिएशन की प्रवक्ता मधु लोढ़ा ने बताया कि यूनेस्को द्वारा का "प्लास्टिक छोड़ो आंदोलन" लगातार चलाया जा रहा व शहर के अलग-अलग क्षेत्र में बड़े स्तर पर कपड़े के बैग वितरण किए गये। इस अवसर पर जिला यूनेस्को एसोसिएशन के सचिव जगदीशचंद्र मुंदडा, प्रवक्ता मधु लोढा, निदेशक तोताराम माली, साधना मैलाना, दिशा कमेटी के स्टेट लेवल सदस्य उदय लाल माली, विद्यालय की अध्यापिका किरण तेजावत, सुमन लता जोशी, नेहा आचार्य, कविता सोनी, जितेंद्र वैष्णव, राजेश जीनगर, सहित कई सैकड़ों छात्र-छात्राओं तथा यूनेस्को के सदस्य उपस्थित थे।