साहिबजादों के त्याग और बलिदान को किया याद:गोविन्दगढ़ में वीर बाल दिवस मनाया, आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया
अलवर के गोविन्दगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को वीर बाल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य खेमचंद बलाई ने की।
प्राचार्य खेमचंद बलाई ने अपने संबोधन में कहा कि वीर बालक साहिबजादों का साहस, त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने बताया कि उनका जीवन वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए नैतिक मूल्यों, धर्मनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अल्पायु में भी साहिबजादों ने अन्याय के सामने न झुककर अपने सिद्धांतों और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन युवाओं को साहस, आत्मबल, सत्यनिष्ठा और कर्तव्य परायणता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के दौरान चरण सिंह ने वीर बाल दिवस के महत्व पर एक प्रभावशाली कविता पाठ किया। उनकी कविता में वीर बालकों के शौर्य, संकल्प और बलिदान का सजीव चित्रण किया गया, जिससे उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों में भावनात्मक जुड़ाव महसूस हुआ।
विद्यार्थियों में मंजू, सोना, छाया, पीयूष, संजय और मनीषा ने भी भाषण और विचार प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में वीर बालकों के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना था।
इस अवसर पर जगन प्रसाद (पीटीआई), मोहर सिंह, संजू कुमार, जितेंद्र और पवन बंसल सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।