पंचायती राज को सशक्त बनाने की कवायद: गोविंदगढ़ में 'राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान' के तहत प्रशिक्षण संपन्न
गोविंदगढ़ (अलवर) पंचायती राज संस्थाओं को अधिक सशक्त, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से गोविंदगढ़ के पंचायत समिति सभागार में ‘राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ (RGSA) के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विकास अधिकारी रमेश गुर्जर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
- क्षमताओं को निखारने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत राज विभाग के ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) और कनिष्ठ सहायकों (LDC) को संबोधित करते हुए विकास अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण विकास की नींव मजबूत करने के लिए कर्मियों का अपडेट रहना अनिवार्य है।
ग्राम विकास अधिकारी गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य निर्वाचित प्रतिनिधियों और संस्थान में कार्यरत कर्मियों का क्षमता वर्धन करना है, ताकि वे सरकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से धरातल पर उतार सकें।
इन बिंदुओं पर हुआ मंथन
- पंचायत विकास सूचकांक (PDI): पंचायतों की प्रगति को मापने के मापदंड।
- सतत विकास लक्ष्य (SDG): गांवों में गरीबी मुक्त, स्वस्थ और जल आधिक्य वाली थीम पर कार्य करना।
- डिजिटल इंडिया: पंचायत विकास सूचना पोर्टल का प्रभावी उपयोग।
- जनकल्याणकारी योजनाएं: मुख्यमंत्री योजनाओं की विस्तृत जानकारी और उनके क्रियान्वयन की रणनीति।
- सतत विकास के लिए पोर्टल की भूमिका
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार सूचना पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रबंधन कर गांव की वास्तविक स्थिति और आवश्यकताओं को समझा जा सकता है। प्रशिक्षण में भाग ले रहे कर्मियों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की स्थानीयकरण थीम के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि गांव आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के विकास अधिकारी, एलडीसी और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

