श्वानों का बढ रहा आतंक; बुजुर्ग पर हमले से लोगों में दहशतः 10 माह में एक हजार लोग बने शिकार
खैरथल (हीरालाल भूरानी) शहर में पिछले एक माह से आवारा स्वानों की बढ़ती संख्या ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि शायद ही कोई मोहल्ला बचा हो, जहां आठ-दस कुत्तों का झुंड नजर न आता हो। लगातार शिकायतों के बावजूद नगर परिषद की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर लोगों में रोष है।
अस्पताल में बढ़ रहे मामले
सेटेलाइट अस्पताल में प्रतिदिन औसतन आधा दर्जन डॉग बाइट के प्रकरण पहुंच रहे हैं। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार बीते दस माह में करीब एक हजार लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। वर्तमान स्थिति में भी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे। स्वान झुंड में घूमते हैं और राहगीरों को देखकर भौंकते हुए झपट पड़ते हैं। शनिवार को आनंद नगर कॉलोनी के वार्ड 29 में 75 वर्षीय हरीराम मूलचंदानी जैसे ही घर से बाहर निकले, स्वानों के समूह ने उन पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े और किसी तरह उन्हें बचाया।
वार्डवासी दीपक पेशवानी के अनुसार हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। वार्ड 31 निवासी जीतेन्द्र प्रदनानी ने बताया कि रेलवे फाटक के पास कई कुत्ते डेरा डाले हुए हैं। शाम ढलते ही आक्रामक हो जाते है। जसोरिया कॉलोनी और प्लेटफार्म नंबर दो की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यही स्थिति है। रात में आने-जाने वाले यात्री भयवश लंबा चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सुबह की दौड़ भी छूटी
युवाओं का कहना है कि पहले वे नियमित रूप से सुबह दौड़ लगाने निकलते थे, लेकिन हमलों की आशंका के कारण अब यह दिनचर्या बंद करनी पड़ी है। शहरवासियों ने प्रशासन से राहत की मांग की है।
प्रशासन का दावा, अभियान जारी
नगर परिषद आयुक्त का कहना है कि गली-मोहल्लों से स्वानों को पकडकर नसबंदी और टीकाकरण की कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र में टीम भेजी जाती है।
इस संबंध में सेटेलाइट अस्पताल खैरथल प्रभारी डॉ नितिन शर्मा ने बताया कि डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा पीड़ितों को समय पर उपचार दिया जा रहा है। -


