विधायक ने विधानसभा में बीएड कॉलेज का उठाया मुद्दा: नए डिग्री कॉलेजों को मान्यता पर रोक हटाने की मांग
गोविंदगढ़ (अलवर) रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह ने राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान नए डिग्री कॉलेजों को मान्यता देने पर लगी रोक हटाने की मांग की। विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि वर्तमान में लागू इस रोक को हटाकर बीएड कॉलेजों को डिग्री कॉलेज शुरू करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनका संचालन सुचारू रूप से जारी रह सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत साल 2030 तक सभी बीएड कॉलेजों को बहुविषयक संस्थानों में परिवर्तित करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, भविष्य में केवल चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम या एक वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम ही मान्य होंगे।
नीति के तहत, बीएड कॉलेजों को किसी डिग्री कॉलेज के साथ संबद्ध होकर या बहुविषयक संस्थान के रूप में कार्य करना होगा। वर्तमान में प्रदेश में कई ऐसे कॉलेज संचालित हो रहे हैं जो केवल बीएड कॉलेज के रूप में चल रहे हैं। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद इन कॉलेजों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है।
बिना डिग्री कॉलेज के साथ जुड़ाव के उनका संचालन आगे संभव नहीं रहेगा। ऐसे में ये संस्थान अपने यहां डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करना चाहते हैं ताकि बीएड कोर्स को भी जारी रखा जा सके। हालांकि, फिलहाल प्रदेश में नए कॉलेजों को मान्यता देने पर रोक लगी हुई है, जिसके कारण बीएड कॉलेज संचालक डिग्री कॉलेज शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
विधायक ने कहा कि इससे उनके संस्थानों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में, विधायक सुखवंत सिंह ने सरकार से मांग की कि नए डिग्री कॉलेजों की मान्यता पर लगी रोक को शीघ्र हटाया जाए। इससे बीएड कॉलेजों को डिग्री कॉलेज शुरू करने का अवसर मिलेगा और उनका बीएड पाठ्यक्रम भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा। साथ ही, इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे।