सरकारी के खेल मैदान पर अतिक्रमण, ग्रामीणों में आक्रोश; पटवारी बोला - भूमि पर मकान व फसल होने के कारण पैमाइश नहीं हो सकी
लक्ष्मणगढ़ (कमलेश जैन) अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर अतिक्रमण के मामले को लेकर प्रशासन द्वारा सोमवार को सीमाज्ञान की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन मौके पर स्थिति उलट नजर आई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने सीमाज्ञान के नाम पर केवल खानापूर्ति की और स्पष्ट सीमांकन नहीं किया गया।
इससे ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में नाराजगी देखी गई। जानकारी के अनुसार करीब 14 बीघा क्षेत्र में फैले इस खेल मैदान की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें प्रशासन से की जा रही थी। आरोप है कि खेल मैदान की जमीन पर मकान बनाकर कब्जा लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़ द्वारा 19 फरवरी को पत्र लिख कर उपखंड अधिकारी से सीमाज्ञान करवाने की मांग की थी।
इस पर उपखंड अधिकारी के निर्देश पर सीमाज्ञान की कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग की टीम गठित की गई थी। इसके बाद तहसीलदार की मौजूदगी में विद्यालय प्रशासन और नगरपालिका प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, लेकिन सीमाज्ञान की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने मौके पर यह कहकर सीमाज्ञान करने से असमर्थता जताई कि यहां पर मकान और फसल खड़ी हुई है। इसके चलते सीमाज्ञान संभव नहीं है। सेटेलमेंट टीम को लिखा जाएगा, ताकि सीमांकन संभव हो सके।
- अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को टाल रहे
इस पर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सीमाज्ञान संभव नहीं था तो प्रशासन ने टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की औपचारिकता क्यों निभाई। लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को टालने का प्रयास किया जा रहा है। खेल मैदान कस्बे का सबसे बड़ा मैदान है, जहां युवा खेल गतिविधियां करते हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण मैदान का दायरा लगातार कम होता जा रहा है।
- प्रधानाचार्य, जगदीश प्रसाद मीना ने बताया कि- खेल मैदान पर अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, अब भी नहीं हटाया जा रहा है।
- तहसीलदार, हरदयाल सिंह ने बताया कि- पटवारी सहित टीम के सदस्यों के द्वारा आबादी व फसल खड़ी होने के चलते सेटेलमेंट से पैमाइश करवाने की सिफारिश की गई है। इस पर सेटेलमेंट विभाग को पत्र लिखा जाएगा।