19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, अष्टमी-नवमी एक ही दिन, अबकी बार 8 दिन की नवरात्रि
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र को बहुत पवित्र पर्व माना जाता है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं ।और नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी की आराधना करते हैं। योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार के अनुसार धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र के दिनों में की गई पूजा और साधना से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। पंचांग के अनुसार साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होंगे। इस बार तिथियों के संयोग के कारण नवरात्र आठ दिन के ही माने जाएंगे, क्योंकि अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ रही है।
कब से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र
ज्योतिषीय गणना के अनुसार चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि के आधार पर नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त- नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना की जाती है। इस बार घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। अगर किसी कारण इस समय में पूजा नहीं हो पाती है तो अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है। यह मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
इस बार मां दुर्गा का वाहन- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र किस दिन से शुरू हो रहे हैं, उसके आधार पर मां दुर्गा के आगमन का वाहन तय माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार जब नवरात्र गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होते हैं, तो मां दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर माना जाता है। साल 2026 में नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहे हैं, इसलिए इस बार मां दुर्गा के पालकी पर आने की मान्यता बताई जा रही है। पालकी पर मां के आगमन को कई लोग बदलाव और नई परिस्थितियों का संकेत भी मानते हैं।
नवरात्रि के दिन और मां के स्वरूप
19 मार्च – मां शैलपुत्री
20 मार्च – मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च – मां चंद्रघंटा
22 मार्च – मां कूष्मांडा
23 मार्च – मां स्कंदमाता
24 मार्च – मां कात्यायनी
25 मार्च – मां कालरात्रि
26 मार्च – महाअष्टमी, मां महागौरी और राम नवमी
धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।