ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम आज उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों के हितों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों के लिए कैडर अथॉरिटी एवं नियोक्ता का स्पष्ट निर्धारण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। सहकारिता विभाग द्वारा गठित समिति ने इस संबंध में संघर्ष समिति के संयोजकों से सुझाव भी प्राप्त कर लिए हैं, लेकिन पिछले तीन महीनों से संबंधित फाइलें प्रक्रियाधीन एवं लंबित हैं। कर्मचारियों ने इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आदेश जारी करने की मांग की है।
इसके साथ ही ज्ञापन में केंद्रीय सहकारी बैंकों में ऋण पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने मांग की कि इन पदों पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत नियुक्ति समिति व्यवस्थापकों से ही की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा की बाध्यता समाप्त कर जल्द प्रक्रिया शुरू की जाए।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 10 जुलाई 2017 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों के नियमितीकरण के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 27 जुलाई 2022 को प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन समय की कमी के कारण कई जिलों के कर्मचारी इससे वंचित रह गए। ऐसे में नियमितीकरण की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि समितियों में कार्यरत सभी श्रेणी के कार्मिकों—जैसे व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समैन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर—को नियमितीकरण का लाभ दिया जाए तथा इसके लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तक निर्धारित की जाए।