फसल खराबे की सूचना 72 घंटे में देना आवश्यक, कृषि विभाग ने किसानों से खराबे की सूचना देने का किया आव्हान
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) फसल कटाई के उपरान्त 14 दिनों तक यदि वर्षा अथवा ओलावृष्टि होती है। जिससे किसान की फसल प्रभावित होती है एवं किसान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, तो फसल खराबे की सूचना घटना घटित होने के 72 घण्टे के अन्दर-अन्दर संसूचित बीमा कम्पनी को देना आवश्यक है।
संयुक्त निदेशक कृषि राधेश्याम मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत जिले में रबी 2025-26 मौसम हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के उपरान्त 14 दिनों तक यदि वर्षा अथवा ओलावृष्टि होती है। जिससे किसान की फसल प्रभावित होती है एवं किसान द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, तो फसल खाराबे की सूचना घटना घटित होने के 72 घण्टे के अन्दर-अन्दर संसूचित बीमा कम्पनी को देना आवश्यक है।
यहां दर्ज करवा सकते है सूचना-
संयुक्त निदेशक ने बताया कि किसान निम्न तरीकों से फसल खराब की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसान फसल में नुकसान की सूचना टोल फ्री नम्बर 14447 पर दर्ज करवा सकते हैं। मोबाइल के माध्यम से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से सूचना दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पीएमएफबीवाई वॉट्सऐप चेटबोट के माध्यम से (7065514447) पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि तकनीकी खराबी के कारण बीमित कृषकों द्वारा पोस्ट-हार्वेस्ट लॉसेस के हानि के इंटीमेशन दर्ज नही हो पा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में कृषक अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम कृषि कार्यालय या जिस गांव या गांव के समूह में हानि हुई है, वहां पर नियत अवधि में कैम्प लगाकर पात्र बीमित कृषकों से इन्टीमेशन निर्धारित प्रारूप में प्राप्त कर संबंधित बीमा कम्पनी को उसी दिन सुपुर्द कर सूची पर प्राप्ति रसीद प्राप्त कर संधारित करें।
उन्होंने बताया कि सर्वेयर द्वारा क्षति का आंकलन संबंधित कृषक व स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी अथवा कर्मचारी के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा। बीमा कम्पनी के सर्वेयर, कृषि विभाग के पर्यवेक्षक एवं संबंधित किसान द्वारा क्षति का आंकलन 10 दिवस के अन्दर पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज करने के लिये किसानों को आवश्यक दस्तावेज साथ रखने होंगे जिनके माध्यम से प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों में कृषक का आधार कार्ड। इसी के साथ किसान का पंजीकृत मोबाईल नम्बर। इसके अलावा फसल बीमा पॉलिसी नम्बर (यदि किसान के पास उपलब्ध हो तो अन्यथा आवश्यकता नही है)।


