सलोना सा सजन; आशा भोंसले को इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी ने दी उनके गाए गीतों से अश्रुपूरित
अलवर (अनिल गुप्ता) इन दिनों हर जुबां पर म्यूजिक इस मैडिटेशन और थेरेपी पर इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी की चर्चा है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पखवाड़े के तहत संस्थापक डॉ लाल थदानी और डॉ दीपा थदानी के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज में शतक करने के बाद संस्थान ने छठे वर्ष के पहले लगातार 101 संगीतमय कार्यक्रम एक रेस्टोरेंट में आशा भोंसले के निधन पर गायकों ने उन्हीं के गाए गीतों से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएलएन मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजिस्ट डॉ शिंभू , शिक्षा विभाग से रिटायर्ड प्रधानाचार्य कुमकुम जैन और आर्टिस्ट राजेश्वरी ने चार वर्षीय नन्हीं बालिका मिराया के साथ आशा भोंसले की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये ।
आज के कार्यक्रमों की विशेषता थी विभिन्न महकमों से आए डॉक्टर्स, नर्सिंग ट्यूटर, अध्यापक और प्रशासनिक अधिकारियों ने आशा भोंसले के गीतों को बड़ी शिद्दत से गाया। को चरितार्थ करते हुए जेएलएन अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट डॉ शंभू ने बहुत ही शानदार गीत सुनाया । हाल ही उनकी बेटी ने उनको किडनी दान की है ।और विशिष्ट अतिथि राजेश्वरी आंखों का ऑपरेशन करने के बाद तुरंत आशा ताई को श्रद्धांजलि देने कार्यक्रम पहुंची । डॉ शिंभू ने सजना है मुझे गाकर स्वरांजली दी। अध्यक्ष गोपेंद्र पाल सिंह ने अगवानी की और दीवाना हुआ बादल सुनाकर तालियां बटोरी।
कार्यक्रम की शुरुआत में 14 वर्षीय नवनीत पंजाबी ने कोमल है कमजोर नहीं गाकर मंत्र मुग्ध किया । डॉ मनीष सक्सेना के तोरा मन दर्पण कहलाए से माहौल कुछ समय के लिए भक्तिमय हो गया । दीपक भार्गव 'ये मेरा दिल' डॉ दीपा थदानी ने जब छाए मेरा जादू, श्याम बिजलानी : दम मारो दम में आशा भोंसले के डिस्को गानों में जान डाल दी। शिक्षक आलोक वर्मा के कजरा मोहब्बत वाला में नवनीत ने आवाज देकर शमशाद बेगम को भी याद किया ।
नवोदित कलाकारों में प्रेमलता चौहान, मनोहर गोकलानी, पूजा जैसवाल, सरिता , युधिष्ठिर चौहान, सीनियर सिटीजंस अरे रिटायर्ड अधिकारियों में श्याम पारीक,मीना कन्जानी, हेम वर्मा, मोहन मिश्रा, किशन बदलानी, कुमकुम जैन ने प्रस्तुति देकर प्रभावित किया । आशा भोसले की गजलों में नर्सिंग कर्मी मुकेश कोली क्या अहले वफ़ा सुनाई के बाद डॉ लाल थदानी की गजल कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता में सभी सदस्यों के सामूहिक गान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। रविंद्र माथुर ने आशा ताई की जीवनी पर प्रकाश डाला और संचालन संजीव शर्मा ने किया ।


