तखतगढ़ में राजस्थान क्षेत्र की शिशुवाटिका परिषद एवं कार्यशाला का आयोजन; गर्भवती महिलाओं एवं नवदंपतियों का हुआ 'गर्भाधान संस्कार, शिशु मनोविज्ञान पर विशेषज्ञों ने मंथन किया
तखतगढ़ (पाली)। गोगरा रोड स्थित रायगांधी आदर्श विद्या मंदिर उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को राजस्थान क्षेत्र की त्रिदिवसीय शिशुवाटिका परिषद एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय शिशुवाटिका प्रमुख सुश्री आशा थानकी, सुवर्ण प्राशन प्रमुख बहिन हिना थामर, विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री श्री गोविंद कुमार एवं जोधपुर प्रांत निरीक्षक श्री भागवत दान रतनू का पावन सान्निध्य रहा।
कार्यशाला के दौरान सनातन हिंदू संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए गर्भवती महिलाओं एवं नवदंपतियों के लिए विशेष यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। विद्वान अतिथियों की उपस्थिति में धार्मिक विधि-विधान के साथ 'गर्भाधान संस्कार' संपन्न कराया गया, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान और सुसंस्कृत बनाना है।
परिषद के दौरान विशेषज्ञों की टोली ने शिशुवाटिका (प्रारंभिक शिक्षा) के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श कर आगामी कार्ययोजना तय की गई:
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बाल मनोविज्ञान: बालक के मन को समझकर उसे शिक्षा से जोड़ना।
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गतिविधि आधारित शिक्षण: रटने के बजाय खेल और गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान प्रदान करना।
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शिशु ठहराव: विद्यालय के वातावरण को इतना आकर्षक और स्नेहपूर्ण बनाना कि शिशु का विद्यालय में ठहराव बढ़ सके।
विशेषज्ञों ने शिशु शिक्षा की आधुनिक विधियों और भारतीय संस्कारों के समन्वय पर जोर दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिराम जोगसन ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना है ताकि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक बन सकें। इस अवसर पर क्षेत्र के शिक्षाविद्, विद्या भारती के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


