पद्मिनी एकादशी के उपलक्ष में श्याम मंदिर में हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) लक्ष्मणगढ़ कस्बे की 'प्रधान जी वाली गली' स्थित प्रसिद्ध श्री श्याम बाबा मंदिर में बुधवार को एकादशी के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा कस्बा 'हारे के सहारे की जय' और 'बाबा श्याम के जयकारों' से गुंजायमान रहा। एकादशी के विशेष मौके पर बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार, अभिषेक, विशेष पूजा और कीर्तन का आयोजन हुआ।
- इत्र, गुलाब और केसर से महका बाबा का दरबार
सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सेवादारों द्वारा बाबा श्याम को इत्र, गुलाब और केसर के सुगंधित पुष्पों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह और शाम को बाबा की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य कमाया।
- मनोकामना पूर्ति के लिए भक्तों ने दी दंडवत परिक्रमा
इस पावन अवसर पर बाबा श्याम के प्रति अगाध श्रद्धा देखने को मिली। कई श्रद्धालु अपने घरों से मंदिर तक दंडवत परिक्रमा करते हुए पहुंचे। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि एकादशी के दिन बाबा के दरबार में दंडवत परिक्रमा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्टों का निवारण होता है।
भजनों की अमृत वर्षा: महिला संकीर्तन और शाम को जागरण
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दोपहर का कार्यक्रम: दोपहर में महिला संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें महिला श्रद्धालुओं ने पारंपरिक श्याम भजनों पर जमकर नृत्य किया और बाबा को रिझाया।
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शाम का कार्यक्रम: शाम को विशाल श्याम जागरण का आयोजन किया गया, जहां स्थानीय और आमंत्रित भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
एकादशी पर विशेष व्यवस्थाएं
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छप्पन भोग व प्रसाद: बाबा श्याम को मुख्य रूप से खीर, पंचमेवा और मावा का विशेष भोग लगाया गया।
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भजन संध्या: सुबह से लेकर देर रात तक भव्य आरती, कीर्तन और भजनों का दौर अनवरत चलता रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 3 साल में एक बार आने वाली पद्मिनी एकादशी का सनातन धर्म में बहुत बड़ा महत्व है। इसी पवित्र दिन बाबा श्याम (बर्बरीक) ने भगवान श्री कृष्ण को अपने 'शीश का दान' किया था। माना जाता है कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि, सफलता और अटूट शांति आती है।
श्याम भक्त जैकी खंडेलवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव के अगले चरण में कल (गुरुवार) को बाबा श्याम के दरबार में 56 भोग की भव्य झांकी सजाई जाएगी। भगवान को भोग लगाने के बाद रात्रि को विशाल भजन जागरण का आयोजन भी होगा। उन्होंने सभी भक्तों से अपील की है कि वे बाबा के दरबार में आकर अपनी अर्जी लगाएं और पुण्य के भागीदार बनें।
"हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा! आप सभी पर बाबा की कृपा सदैव बनी रहे।"


