करंट हादसे में माता-पिता को खोने वाले चार अनाथ बच्चों से मिले विधायक सुखवंत सिंह, ढांढस बंधाकर सरकारी मदद का दिया भरोसा
रामगढ़ (अलवर) रामगढ़ क्षेत्र के बेरेबास गांव में पांच दिन पहले बिजली का करंट लगने से असमय काल का ग्रास बने दंपती के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने आज रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह बेरेबास गांव पहुंचे। विधायक ने अनाथ हुए चारों बच्चों और मृतक दंपती के परिजनों से मुलाकात कर इस भीषण हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सामाजिक और आर्थिक मदद दिलाने का पूर्ण आश्वासन दिया।
- एक झटके में अनाथ हो गए चार मासूम
उल्लेखनीय है कि पांच दिन पहले बेरेबास गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, रामेश्वरी देवी अपने खेत पर लगी पानी की मोटर को बंद करने गई थीं, जहां वे अचानक बिजली के लाइव वायर की चपेट में आ गईं। पत्नी को तड़पता देख उन्हें बचाने दौड़े पति महेंद्र जाटव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस हृदयविदारक हादसे के कारण दंपती अपने पीछे तीन बेटियां और एक मासूम बेटा छोड़ गए हैं, जिनके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
- विधायक ने दिए त्वरित सरकारी सहायता के निर्देश
इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। आज विधायक सुखवंत सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और बच्चों से बात कर उन्हें संबल दिया। विधायक ने मौके से ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार मिलने वाली तमाम सरकारी सहायता और मुआवजा बिना किसी देरी के तुरंत उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से बच्चों के पालन-पोषण और उनके भविष्य की शिक्षा के लिए भी आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
- ग्रामीणों ने की आर्थिक पैकेज की मांग
गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने भी विधायक से मिलकर अनाथ हुए चारों बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बेहद गरीब और असहाय परिवार को जल्द से जल्द विशेष आर्थिक पैकेज और सरकारी मदद मुहैया कराई जाए ताकि इन मासूम बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने से बच सके।


