आरटीआई निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय के सरकारी रजिस्टर में मिली संदिग्ध नकदी; आवेदक से बदसलूकी और साक्ष्य छुपाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

Jun 2, 2026 - 19:23
Jun 2, 2026 - 19:25
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आरटीआई निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय के सरकारी रजिस्टर में मिली संदिग्ध नकदी; आवेदक से बदसलूकी और साक्ष्य छुपाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

रूपवास (भरतपुर/कौशलेंद्र दत्तात्रेय)। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत तहसील कार्यालय रूपवास में रिकॉर्ड का निरीक्षण करने पहुंचे एक आवेदक के साथ सरकारी कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार करने, डराने-धमकाने और निरीक्षण को बीच में ही जबरन रोकने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित आवेदक ने इस संबंध में उपखण्ड अधिकारी (SDM) विष्णु बंसल को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।

खानसूरजापुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता विश्वेन्द्र ने बताया कि वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 मई को तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने संबंधित बाबू के सामने वर्ष 2023 का 'बुक नंबर 1' का सरकारी रजिस्टर खोला, तो उसके पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों के रूप में लगभग ₹6000 की संदिग्ध नकदी रखी हुई मिली।

जब आवेदक ने इस राशि के संबंध में वहां मौजूद बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव (पहाड़पुर) से सवाल किया, तो कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय बौखलाहट में आवेदक के साथ तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि कर्मचारियों ने आवेदक के साथ मारपीट का प्रयास किया और इसी हंगामे का फायदा उठाकर साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से रुपयों वाली फाइल को मौके से गायब कर दिया।

विधिक प्रक्रिया को बीच में रोका: शिकायत के अनुसार, इस विवाद के बाद कर्मचारियों ने पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाते हुए आवेदक को आगे का रिकॉर्ड (बुक नंबर 2) दिखाने से साफ मना कर दिया और "तुम्हारा निरीक्षण हो गया, अब यहाँ से जाओ" कहकर एक वैध प्रशासनिक प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया। पीड़ित विश्वेन्द्र ने आशंका जताई है कि सरकारी फाइल में रखी यह संदिग्ध राशि या तो रिश्वत की है या फिर उन्हें किसी कानूनी साजिश में फंसाने के लिए रखी गई थी।

प्रशासन से की गई मुख्य मांगें: आवेदक विश्वेन्द्र ने उपखण्ड अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में मांग की है कि:

  1. घटना की सत्यता की जांच और रिकॉर्ड्स की सुरक्षा के लिए 26 मई के तहसील/उप-पंजीयक कार्यालय के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को तुरंत सुरक्षित और ज़ब्त किया जाए।

  2. एक नागरिक के कानूनी अधिकार (RTI) में बाधा उत्पन्न करने, वित्तीय अनियमितता और अमर्यादित आचरण करने वाले कर्मचारी दीपक बंसल, पटवारी संदीप यादव व अन्य के खिलाफ प्रशासनिक व कानूनी स्तर पर कड़ी जांच कर कार्रवाई की जाए।

  3. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का संदर्भ: सरकारी रजिस्टर में संदिग्ध राशि का मिलना और उसे तुरंत छुपाना, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत संदेहास्पद है, इसकी जांच की मांग करें।

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