अस्पताल की लापरवाही या सिस्टम का खोट? एक मशीन ने बताई धड़कन, दूसरी रही मौन; पेट में ही टूट गई मासूम की सांसें
भरतपुर/ राजस्थान
भरतपुर के जनाना अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही और मशीनों की तकनीकी खामी के चलते एक गर्भवती महिला के पेट में ही नवजात शिशु की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और ऑपरेशन में देरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
आगरा के फतेहपुर सीकरी (बदरौली) निवासी नरेश ने अपनी 32 वर्षीया गर्भवती पत्नी नीलम को मंगलवार को भरतपुर के जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती के समय कराई गई सोनोग्राफी में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। पीड़िता के पति ने बताया कि नीलम के दो बच्चों की पहले भी मौत हो चुकी है, इसलिए उन्होंने डॉक्टरों से गुहार लगाई कि वे तुरंत ऑपरेशन (सिजेरियन) के जरिए डिलीवरी करवा दें। आरोप है कि लेबर रूम में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों ने नॉर्मल डिलीवरी की बात कहकर टालमटोल शुरू कर दिया।
10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़ित पति नरेश का आरोप है कि जब उन्होंने ऑपरेशन के लिए दबाव बनाया, तो अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बुधवार सुबह जब दोबारा जांच की गई, तो बच्चे की धड़कन बंद हो चुकी थी। इसके बाद आनन-फानन में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला। हादसे से आहत पीड़ित पिता बच्चे के शव को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया और दोषी स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मशीनों की रिपोर्ट में उलझा मामला
मामले पर जनाना अस्पताल के गायनी HOD नरेंद्र फौजदार ने बताया:
"गर्भवती महिला मंगलवार शाम को भर्ती हुई थी। रात में जब बच्चे की धड़कन चेक की गई तो पहली मशीन में धड़कन नहीं आई, जबकि दूसरी मशीन ने धड़कन दिखाई। संभवत: मशीन में कोई तकनीकी खराबी थी। सुबह सोनोग्राफी में बच्चे की मौत की पुष्टि हुई। अस्पताल में पैसे मांगने की बात पर सभी को पाबंद किया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है।"
जांच के घेरे में अस्पताल प्रशासन: एक तरफ जहाँ पीड़ित परिवार अपनों को खोने के गम में न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवाल यह उठता है कि क्या मशीनों की गड़बड़ी और लापरवाही के इस खेल की जवाबदेही तय होगी? गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।


