सोयला-ओसियां मार्ग पर अधूरी डामर सड़क बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत
बावड़ी (जोधपुर/मिश्रीलाल लखारा) बावड़ी उपखंड क्षेत्र के सोयला-ओसियां सड़क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा होने के कारण क्षेत्रवासियों एवं वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सड़क निर्माण के लिए मार्ग को तोड़ने के बाद उस पर पत्थर की गिट्टी बिछा दी गई, लेकिन अब तक डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं होने से सड़क की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। इस दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि अधूरी सड़क के कारण मोरनावडा के पास एक सप्ताह में दो कारें पलट कर शक्तिग्रस्त हुई वहीं आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। और राष्ट्रीय राजमार्ग-62 से जुड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सड़क मार्ग लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इस दौरान सड़क का निर्माण कार्य रुकने से लोगों का सफर करने में समय भी पहले की तुलना कई गुना ज्यादा लगा रहा है। दरअसल सड़क पर बिछाई गई पत्थर गिट्टी कई स्थानों से उखड़ चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। इस दौरान डुडलोद पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमाराम सारण सहित कई ग्रामीणों एवं वाहन चालकों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
उड़ते धूल के गुबार से बढ़ी परेशानी
वहीं सड़क निर्माण के दौरान सोयला से ओसियां तक लगभग 56 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग को करीब 35 किलोमीटर हिस्से को पूरी तरह खोद दिया गया है।
धूल के गुब्बार से लोग परेशान
डामरीकरण नहीं होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों वाहनों से लगातार धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे सड़क किनारे स्थित कॉलोनियों और रिहायशी क्षेत्रों के लोगों को सांस लेने में परेशानी सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
रुणिचा मेले से पहले बढ़ी चिंता
रुणिचा मेले के आयोजन में अब अधिक समय नहीं बचा है। हर वर्ष इस मार्ग से लाखों श्रद्धालु पैदल व बाइक तथा अन्य वाहनों से यात्रा करते हैं। ऐसे में सड़क पर डामरीकरण नहीं होने और गिट्टी बिछी होने के कारण इस बार राजस्थान सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
गांव की गलियों से गुजर रहे हैं बड़े वाहन व्यापारी परेशान
कस्बे के ग्रामीण एवं ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण यात्रा करने में कई गुना अधिक समय लग रहा है, और ईंधन की खपत भी बढ़ रही है। वहीं भारी वाहन मजबूरी में सोयला गांव की संकरी गलियों से गुजर रहे हैं, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बन रही है और स्थानीय व्यापारियों तथा ग्रामीणों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


