जलभराव मुक्त भरतपुर के लिए बीडीए का सख्त रुख, लापरवाह निर्माण एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय) 22 जुलाई। मानसून के दौरान भरतपुर शहर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से चल रहे ड्रेनेज एवं सड़क निर्माण कार्यों का बुधवार को भरतपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त कनिष्क कटारिया ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सब्जी मंडी से मुखर्जी नगर, मंडी नाला, बापू नगर, कुम्हेर गेट मुख्य चौराहा तथा अनाह गेट से तोप सर्किल तक निर्माणाधीन नालों एवं सड़कों की प्रगति का जायजा लेते हुए लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सब्जी मंडी से मुखर्जी नगर क्षेत्र में सड़क एवं नाला निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सड़क पर निर्माण सामग्री बेतरतीब ढंग से डालकर आमजन की आवाजाही बाधित करने पर जुर्माना लगाने तथा सार्वजनिक सड़कों को डंपिंग यार्ड नहीं बनने देने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ने मुखर्जी नगर क्षेत्र के निवासियों से सीधे संवाद कर निर्माण कार्यों का फीडबैक लिया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मकानों का आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां शीघ्र बॉक्स, चौंबर अथवा अस्थायी क्रॉसिंग की व्यवस्था कराई जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंडी नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिए कि संवेदकों को सभी निर्देश लिखित रूप में जारी किए जाएं तथा उनकी प्रतिलिपि बीडीए कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्धारित लेआउट के अनुरूप नाले की बाहरी दीवार का पुनर्निर्माण कराने की बात कही।
कुम्हेर गेट मुख्य चौराहे पर निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुरूप नहीं मिलने पर आयुक्त ने संबंधित संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी देते हुए कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण व्यापारियों और आमजन को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं बापू नगर क्षेत्र में बिजली के तार भूमिगत कराने तथा सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बीडीए आयुक्त ने कहा कि मानसून को ध्यान में रखते हुए बीडीए द्वारा पूर्व से ही ड्रेनेज परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है। अब जिन स्थानों पर जलभराव की स्थिति सामने आ रही है, वहां मौके पर निरीक्षण कर ड्रेनेज व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं ताकि शहरवासियों को वर्षा के दौरान न्यूनतम असुविधा हो।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन ठेकेदारों को पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीडीए का लक्ष्य मानसून के दौरान शहर को जलभराव की समस्या से अधिकतम राहत दिलाना तथा सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराना है। निरीक्षण के दौरान बीडीए अधीक्षण अभियंता योगेश माथुर, अधिशाषी अभियंता बनवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्माण एजेंसी के खिलाफ एफआईआर-
निरीक्षण के उपरांत बीडीए आयुक्त के दिशा-निर्देश पर अधिशाषी अभियंता ने कृषि उपज मंडी गेट से आरएनएफसीडी तक आरसीसी नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर निर्माण एजेंसी मैसर्स मोदी कंस्ट्रक्शन कंपनी, अलवर के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाना, भरतपुर को पत्र प्रेषित किया है। बीडीए के अनुसार निर्माण स्थल पर आवश्यक स्लैब कवरिंग, बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं किए जाने से आमजन, बच्चों एवं वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी। विभाग द्वारा कई बार नोटिस एवं निर्देश जारी किए जाने के बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा आवश्यक सुधार नहीं किए गए, जिसके चलते सख्त कार्रवाई की गई।


