कुछ घंटों की लापरवाही... किसी बेटी का पूरा जीवन बर्बाद कर सकती है– लाडो सेवा फाउंडेशन
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) क्या केवल कुछ घंटों के आर्थिक लाभ के लिए हम अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य दांव पर लगा सकते हैं? लाडो सेवा फाउंडेशन के लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने भीलवाड़ा शहर में होटल, लॉज एवं गेस्ट हाउसों में नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
फाउंडेशन का कहना है कि यदि किसी भी होटल या लॉज में बिना वैध पहचान-पत्र के अथवा नियमों की अनदेखी कर कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
आज अनेक किशोर-किशोरियां भावनाओं में बहकर ऐसे निर्णय ले लेते हैं, जिनकी कीमत उन्हें पूरी जिंदगी चुकानी पड़ती है। कई मामलों में उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, मानसिक उत्पीड़न और साइबर अपराध का शिकार बनाया जाता है। एक क्षण की भूल किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।
लाडो सेवा फाउंडेशन का प्रश्न है कि क्या हमारे बच्चों की सुरक्षा से बड़ा किसी का आर्थिक लाभ हो सकता है? यदि नहीं, तो नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं?
फाउंडेशन ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी होटल, लॉज एवं गेस्ट हाउसों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाए, पहचान-पत्र सत्यापन की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फाउंडेशन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनके मित्रों, दिनचर्या और डिजिटल गतिविधियों पर संवेदनशील निगरानी रखें तथा उन्हें साइबर ब्लैकमेल और ऑनलाइन शोषण के खतरों के प्रति जागरूक करें।
लाडो सेवा फाउंडेशन का स्पष्ट संदेश है— हम किसी व्यक्ति विशेष या वैध व्यवसाय के विरोधी नहीं हैं। हमारा संघर्ष केवल इतना है कि हमारी बेटियां सुरक्षित रहें, हमारे बेटे सही रास्ते पर चलें और कानून का पालन हर हाल में हो। यदि आज समाज नहीं जागा, तो कल बहुत देर हो सकती है।


